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इस बार रुला सकते हैं आलू के दाम

Fri, 05 Apr 2013 01:04 AM IST
मुरादाबाद/फर्रुखाबाद/कन्नौज/ब्यूरो
मुरादाबाद/फर्रुखाबाद/कन्नौज/ब्यूरो Updated Fri, 05 Apr 2013 01:04 AM IST
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increased prices of potatoes can upset people

सब्जियों का राजा कहे जाना वाला आलू इस बार अपनी ऊंची कीमत से आम लोगों को रुला सकता है। इस सीजन में किसानों का रुझान कोल्ड स्टोर की ओर कम है।

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पांच सालों से घाटा सह रहे किसानों को इस बार उपज का ठीक मूल्य मिल रहा है। इसलिए वे नकद बिक्री पर ज्यादा जोर दे रहे हैं। वहीं बेमौसम बारिश से करीब 25 फीसदी आलू की फसल प्रभावित हुई है। इसके चलते भंडारण में अब तक जो स्टोर ठसाठस भर जाते थे, वे तीस फीसदी तक खाली हैं।
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जानकारों की मानें तो जुलाई-अगस्त तक आलू बाजार में उछाल मारेगा और आम आदमी को बीस रुपये से अधिक में एक किलो नसीब होगा। पिछले दिनों हुई बेमौसम बारिश ने भी आलू को 20 फीसदी तक नुकसान पहुंचाया है। खेतों में पानी भरने के कारण खुदाई के साथ तमाम आलू सड़ा हुआ निकला।
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आलू उत्पादक जिलों सहित आलू जोन के मंडलों पर गौर करें तो 30 फीसदी से अधिक कोल्ड स्टोर खाली हैं जबकि 2010-11 में आलू जोन के इन जिलों में भंडारण की समस्या से किसानों को जूझना पड़ा था और तमाम आलू भंडारित न होने से सड़ गया था।

मुरादाबाद मंडल का उदाहरण लें तो 2012 में उत्पादन 23.58 मीट्रिक टन प्रति हेक्टेअर था, जबकि 2013 में उत्पादन 22.89 मीट्रिक टन प्रति हेक्टेअर रहा। कन्नौज में इस साल करीब 47 हजार हेक्टेयर कृषि क्षेत्रफल में आलू बोया गया। अंतिम दौर में बारिश होने व ओले गिरने के कारण करीब 30 फीसदी फसल प्रभावित हुई।

उधर, फर्रुखाबाद और कन्नौज में भी बेमौसम बारिश का असर आलू की कीमतों को प्रभावित कर सकता है। अभी तक 60 से 65 फीसदी कोल्ड स्टोर ही भर पाए हैं। बृहस्पतिवार को 600 से 725 रुपये प्रति क्विंटल की दर से आलू बिका। पिछले सीजन में इसी तारीख में आलू का भाव 545 रुपये प्रति क्विंटल था।


कोल्ड स्टोर का बढ़ा किराया भी बड़ा कारण
आगरा का खंदौली भी आलू का बड़ा उत्पादक इलाका है। यहां किसानों की मानें तो पिछले दिनों हुई बारिश और ओलावृष्टि से आलू की फसल को अधिक नुकसान नहीं हुआ है लेकिन कोल्ड स्टोरेज का भाड़ा बढ़ने से किसान का मार्जिन अवश्य कम हुआ है। पिछले वर्ष कोल्ड स्टोर का भाड़ा 145 रुपये प्रति क्विंटल था। जो इस वर्ष बढ़कर करीब 175 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। किसानों के मुताबिक कीमतों में अधिक उछाल नहीं है। खेत से आलू 435 रुपये प्रति पैकेट (50 किलो) उठ रहा है। 75 प्रतिशत तक आलू का भंडारण हो चुका है।

यूपी में कुल भंडारण
वर्ष 2010-11 ------- 100 लाख मीट्रिक टन
वर्ष 2012-13 ------- 81 लाख मीट्रिक टन

उद्यान निदेशालय के मुताबिक आलू भंडारण एवं मौजूदा दाम
मंडल ------- भंडारण प्रतिशत ------- दाम प्रति क्विंटल
कानपुर ------- 65 ------- 500-600
आगरा ------- 75 ------- 800-850
मेरठ ------- 20 ------- 550-600
बरेली ------- 50 ------- 550-600
मुरादाबाद ------- 46 ------- 600-700
कन्नौज ------- 70 ------- 550-650
फर्रुखाबाद ------- 70 ------- 550-600

डिमांड बढ़ने के साथ बढ़ेगी कीमत: उप निदेशक उद्यान
उप निदेशक उद्यान रमेश चंद्र शर्मा कहते हैं कि 2010-11 की तुलना में आलू भंडारण कम रहा है। इस बार भी भंडारण कम रहने की संभावना है। इसका कारण है कि किसानों को अच्छा बाजार भाव शुरुआती दौर में ही मिल गया है। इससे कोल्ड स्टोर का खर्चा भी बच गया है। भंडारण कम होने से बारिश के साथ ही आलू की डिमांड बढ़ेगी और डिमांड के साथ दाम बढ़ना तय है। पिछले वर्ष भी आलू 18-20 रुपये प्रति किलो बारिश में बिका था।

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