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'छह नहीं अब मिलेंगे नौ रियायती गैस सिलेंडर'
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Tue, 11 Dec 2012 09:26 PM IST
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साल में सिर्फ छह रसोई गैस सिलेंडर की सीमा को बढ़ाते हुए सरकार ने अब नौ सिलेंडर देने का ऐलान कर दिया है। महंगाई की मार झेल रहे आम आदमी को सरकार ने अपने इस फैसले के जरिए राहत देने की कोशिश की है।
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पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली ने मंगलवार को कहा कि सरकार रियायती रसोई गैस सिलेंडरों की संख्या छह से बढ़ाकर नौ कर देगी। सरकार इस सिलसिले में मंत्रिमंडल में जल्द प्रस्ताव लाने जा रही है। वहीं चुनावी मौसम में सरकार के ऐलान पर चुनाव आयोग का रेड सिग्नल भी मिल गया है। चुनाव आयोग ने इस सिलसिले में सरकार को नोटिस थमाते हुए जवाब मांगा है।
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अब इस गुजरात के विधानसभा चुनाव में सियासी फायदा उठाने की बात हो या फिर जनता के गुस्से की मार से बचने सरकार का दांव। मगर सरकार ने तमाम उतार चढ़ाव के बाद आखिरकार आम आदमी को राहत देने का मन बना लिया है।
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माना जा रहा है कि गुजरात चुनाव के पहले चरण से पहले ही इसका ऐलान हो जाएगा। मंगलवार को मोइली ने कहा कि इस फैसले का इस महीने होने वाले विधानसभा चुनावों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। जाहिर है कि फिलहाल उपभोक्ताओं साल में सिर्फ छह रियायती गैस सिलेंडर मिल रहे हैं। यानी एक साल में आम आदमी को सिर्फ छह सिलेंडरों पर ही सब्सिडी मिलेगी और बाकी सिलेंडरों को उसे बाजार दर पर खरीदना होगा।
इसके पूर्व पिछले सप्ताह लोकसभा में एक सवाल के जबाव में मोइली ने कहा था कि रियायती गैस सिलेंडरो की संख्या बढ़ाने पर तेल कंपनियों को इस वर्ष 3000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार उठाना पड़ेगा। यदि वित्त मंत्रालय इस अतिरिक्त राशि का बोझ उठाने को तैयार हो जाता है तो सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां हर परिवार को सब्सिडी वाले नौ सिलेंडर देने पर राजी हो सकती हैं।
इधर, रियायती रसोई गैस सिलेंडरो की संख्या बढ़ाये जाने को लेकर विपक्ष और सहयोगी दल लगातार सरकार पर सिलेंडरों की संख्या बढ़ाने के लिए दबाव बनाए हुए हैं। इस मुद्दे पर यूपीए अध्यक्षा सोनिया गांधी ने भी हाल ही में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से बात की थी। जिसके बाद पीएमओ रसोई गैस सिलेंडरों की संख्या बढ़ाये जाने को लेकर सक्रिय है।
पिछले सप्ताह पेट्रोलियम मंत्री ने वित्त मंत्री पी चिदंबरम और सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियों के प्रमुखों के साथ एक बैठक भी हुई थी। मोइली ने बताया कि सरकार रियायती रसोई गैस सिलेंडरों की संख्या छह से नौ करेगी। इसके लिए जल्द ही एक प्रस्ताव मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा। उम्मीद की जा रही है कि संसद सत्र समाप्त होने से पहले ही उपभोक्ताओं को इसकी सौगात मिल सकती है।
जाहिर है कि सरकार ने 13 सितंबर को हर परिवार को साल भर में मिलने वाले सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या छह पर सीमित कर दी थी। इससे ज्यादा सिलेंडर लेने पर उपभोक्ताओ को दोगुना दाम देना होगा। अनुमान के मुताबिक दिल्ली में लगभग 44 फीसदी परिवार ही साल में छह से कम सिलेंडर इस्तेमाल करते हैं। बाकी उपभोक्ताओं को अपनी जरूरत पूरी करने के लिए 895.50 रुपये की कीमत चुकानी पड़ रही है।
मंत्रालय के अधिकारी का कहना है कि इस वर्ष सब्सिडी वाले केवल चार सिलेंडर देने के बावजूद तेल कंपनियों को डीजल, एलपीजी और विभिन्न ईंधन की नियंत्रित कीमतों पर बिक्री से 163000 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होगा। वित्त मंत्रालय को इसमें से 105525 करोड़ रुपये की सब्सिडी का भुगतान करना है। लेकिन मंत्रालय के पास अभी इस रकम की भी कोई व्यवस्था नहीं है।