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सावधान: मोबाइल एप्लिकेशंस लगा सकतीं हैं चूना
टीम डिजिटल
Updated Wed, 04 Sep 2013 07:20 PM IST
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सावधान अगर आप भी बिना जांचे परखे आयकर भरने के लिए मोबाइल ऐप्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। तो ये गलती आप पर काफी भारी पड़ सकती है।
झूठे रिफंड और अन्य सेवाएं देने का वादा करने वाले ईमेल के प्रति टैक्स दाताओं को सावधान करने के बाद आयकर विभाग ने ऐसे फर्जी मोबाइल ऐप्लिकेशंस को लेकर लोगों को चेताया है, जो आपसे निजी वित्तीय जानकारी मांगती हैं।
विभाग ने चेतावनी दी है कि स्मार्टफोन में अवैध मोबाइल ऐप्लिकेशंस प्रसारित किया जा रहा है। खासतौर से एंड्रायड और ब्लैकबैरी में। यह ऐप्लिकेशंस विभाग के डाटा स्ट्रक्चर और मापदंड के अनुरूप नहीं है।
हाल ही में जारी एडवाइजरी में विभाग ने कहा है कि अगर लोग टैक्स रिटर्न भरने के लिए इसका इस्तेमाल कर रहे हैं, तो वह ऐसा अपने जोखिम पर कर रहे हैं। नकली मोबाइल ऐप्लिकेशंस नकली पहचान तैयार करने के लिए नाम और आईटी रिटर्न भरने के उद्देश्य का उपयोग करते हैं।
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वह भोले भाले आयकर दाताओं से उनकी निजी जानकारियां हासिल करते हैं। पिछले कुछ साल से आयकर विभाग लगातार चेतावनी देता रहा है कि विभाग कभी भी किसी भी व्यक्ति की निजी जानकारियां ईमेल या इंटरनेट के किसी अन्य माध्यम के जरिए नहीं मांगता है।
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झूठे रिफंड और अन्य सेवाएं देने का वादा करने वाले ईमेल के प्रति टैक्स दाताओं को सावधान करने के बाद आयकर विभाग ने ऐसे फर्जी मोबाइल ऐप्लिकेशंस को लेकर लोगों को चेताया है, जो आपसे निजी वित्तीय जानकारी मांगती हैं।
विभाग ने चेतावनी दी है कि स्मार्टफोन में अवैध मोबाइल ऐप्लिकेशंस प्रसारित किया जा रहा है। खासतौर से एंड्रायड और ब्लैकबैरी में। यह ऐप्लिकेशंस विभाग के डाटा स्ट्रक्चर और मापदंड के अनुरूप नहीं है।
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हाल ही में जारी एडवाइजरी में विभाग ने कहा है कि अगर लोग टैक्स रिटर्न भरने के लिए इसका इस्तेमाल कर रहे हैं, तो वह ऐसा अपने जोखिम पर कर रहे हैं। नकली मोबाइल ऐप्लिकेशंस नकली पहचान तैयार करने के लिए नाम और आईटी रिटर्न भरने के उद्देश्य का उपयोग करते हैं।
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वह भोले भाले आयकर दाताओं से उनकी निजी जानकारियां हासिल करते हैं। पिछले कुछ साल से आयकर विभाग लगातार चेतावनी देता रहा है कि विभाग कभी भी किसी भी व्यक्ति की निजी जानकारियां ईमेल या इंटरनेट के किसी अन्य माध्यम के जरिए नहीं मांगता है।