UP Board: फोन से होगा प्रैक्टिकल परीक्षा का जुगाड़
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स्कूलों में इंटरमीडिएट की पढ़ाई के दौरान प्रैक्टिकल नहीं कराने वाले मास्टरजी अब छात्रों की प्रैक्टिकल परीक्षाएं फोन से ही करवाने की तैयारी में हैं।
बाहर के जिलों में परीक्षक बनाए गए कई शिक्षकों के पास फोन आ रहे हैं कि आपके बिना आए ही परीक्षा पूरी हो जाएगी। स्कूल के विषय शिक्षक एवं प्रधानाचार्य की ओर से ऐसे परीक्षकों को टूर पर भेजने के ऑफर मिल रहे हैं।
कई परीक्षकों ने तो स्कूलों के विषय शिक्षकों से प्रैक्टिकल परीक्षा पूरी करके कॉपी भेज देने को कहा है। परीक्षकों की ओर से फोन पर प्रैक्टिकल पूरी करने की जानकारी से शिक्षा विभाग के अधिकारी अनजान नहीं हैं। वह प्रैक्टिकल में मनमानी की बात तो स्वीकार करते हैं, लेकिन इस पर अंकुश के लिए स्कूलों को आगे आने की बात करते हैं।
परीक्षा लेने के लिए स्कूल आने की जरूरत नहीं
बारहवीं की प्रैक्टिकल परीक्षाओं के लिए बोर्ड की ओर से परीक्षक तय करके उनके नाम स्कूलों एवं संबंधित विषय के परीक्षकों को भेज दिए गए हैं। परीक्षकों का नाम स्कूलों में पहुंचते ही विषय के शिक्षकों ने परीक्षक से संपर्क करके उनसे अच्छे नंबर के लिए हर जतन करना शुरू कर दिया है।
अबकी 50 फीसदी अंक आंतरिक मूल्यांकन के जरिए तय होने से स्कूल वालों की पौ बारह है। भौतिक विज्ञान की परीक्षा के लिए परीक्षक बनाए गए एक वरिष्ठ शिक्षक ने बताया कि उनके पास कानपुर के एक स्कूल से फोन आया था कि उन्हें स्कूल आने की जरूरत नहीं है। परीक्षा के बाद कॉपी उनके पास भेज दी जाएगी।
इसके एवज में स्कूल की ओर से उन्हें टूर पर भेजने का ऑफर मिला है। ऐसे ऑफर व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के परीक्षकों के पास भी पहुंचे हैं। कई परीक्षकों के मुताबिक स्थानीय स्कूलों से उनके पास परिवार को पास-पड़ोस के जिलों की यात्रा/तीर्थयात्रा कराने का प्रस्ताव आया है।