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मानसून सत्र में गतिरोध टूटने की उम्मीद हुई धूमिल

Sat, 08 Aug 2015 07:47 AM IST
Updated Sat, 08 Aug 2015 07:47 AM IST
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in this monsoon session government is fail to break deadlock

संसद के मानसून सत्र का अंतिम हफ्ता की कार्यवाही के भी हंगामे की बारिश में पूरी तरह से धुलने के आसार बन गए हैं। लोकसभा में 25 सांसदों के निलंबन के बाद जहां विपक्ष सोमवार को सरकार की नींद हराम करने पर आमदा है तो दूसरी ओर सरकार ने भी ललित गेट और व्यापम घोटाला मामले में अपने आक्रामक तेवर में और धार लाने का फैसला किया है।

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इसका अंदाजा इसी तथ्य से लगाया जा सकता है कि अब सरकार ने भी आर्थिक सुधारों से जुड़े बिलों को कानूनी जामा पहनाने की कोशिश के बदले विपक्ष के वार पर पलटवार करने का निर्णय ले लिया है।
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इस क्रम में जहां विपक्ष सोमवार को स्पीकर के सांसदों के निलंबन के फैसले पर सवाल खड़ा करेगी, वहीं सरकार विपक्ष को सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए ललकारेगी।

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विपक्ष देगा नोटिस

in this monsoon session government is fail to break deadlock

विपक्ष की योजना राज्यसभा की तरह लोकसभा में भी सोमवार को विहिप नेता साध्वी प्राची के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस देने की है।

विपक्ष और सरकार के बीच जारी टकराव के रोज नया और तीखा रूप लेने के कारण भूमि अधिग्रहण, वस्तु एवं सेवा कर, पावर टेरिफ संशोधन, भारतीय मानक ब्यूरो जैसे आर्थिक सुधारों से जुड़े आधा दर्जन महत्वपूर्ण बिल लटक जाएंगे।

उल्लेखनीय है कि मानसून सत्र में ललित गेट और व्यापम घोटाले के सवाल पर राज्यसभा की कार्यवाही एक भी दिन नहीं चल पाई है। जबकि लोकसभा में विपक्ष के 25 सांसदों के निलंबन के बाद इसी सप्ताह से सरकार अपने कामकाज निपटा पाई है।

सरकार करेगी पलटवार!

in this monsoon session government is fail to break deadlock

मानसून सत्र की समूची कार्यवाही सरकार और विपक्ष की जिद की बलि चढ़ने के आसार बढ़ गए हैं। सुलह सफाई की गुंजाइश खत्म होने के बाद जहां विपक्ष पहले से ज्यादा आक्रामक हुआ है, वहीं सरकार ने भी बिलों को पारित कराने का मोह छोड़ पलटवार करने का फैसला किया है।

सरकार के तीन वरिष्ठ मंत्रियों राजनाथ सिंह, सुषमा स्वराज और वैंकेया नायडू के बीच हुई बैठक में सुलह का प्रयास छोड़ते हुए पलटवार करने का फैसला किया गया।

सरकार की रणनीति ललित गेट मामले में संसद में सपा का साथ हासिल करने की कांग्रेस को कटघरे में खड़ा करने की भी है। सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री ने कहा कि कार्यवाही धुलनी तय है।

मगर यह भी तय है कि अब सरकार भी किसी कीमत पर विपक्ष के समक्ष नहीं झुकेगी। उधर कांग्रेस ने ललित गेट मामले विदेश मंत्री सुषमा स्वराज पर तीखा हमला कर अपनी भावी रणनीति का साफ संदेश दे दिया।

चूंकि हमला पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने किया है, इसलिए माना जा रहा है कि विपक्ष सरकार की सुलह सफाई की कोशिश परवान नहीं चढ़ने देगी।

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