कांवड़ यात्रा में त्रिशूल और हॉकी नहीं ले चल सकते कांवड़िए
इस बार की कांवड़ यात्रा करने वाले कावड़ियों को त्रिशूल और हॉकी स्टिक ले जाने की सख्त मनाही है। हिमांचल और हरियाणा ने कांवड़ यात्रा के दौरन, त्रिशूल, हॉकी स्टिक, लाठी और तेज आवाज में गाना बजाने पर पाबंदी लगा दी है।
ऐसा कदम इसलिए भी उठाया जा रहा है ताकि किसी भी तरह के हादसे से बचा जा सके। पुलिस के मुताबिक कावड़ियों को ट्रैफिक रुल का पालन करना होगा और जो भी इस यात्रा के दौरान मोटरसाइकिल का उपयोग करेगा उसे हेल्मेट का प्रयोग करना आवश्यक होगा।
श्रावण के माह में एक करोड़ के आस पास कांवड़ियों के हरिद्वार में आने की संभावना है। देहरादून उच्च स्तरीय बैठक में पांच राज्यों के अधिकारियों ने कई बिंदुओं पर चर्चा की ताकि यात्रा के दौरान किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।
संवेदनशील रुटों की होगी पहचान
बैठक के दौरान इस पर भी चर्चा की गई कि यात्रियों के लिए अलग से वाकिंग लेन
की व्यवस्था की जाएगी। यात्रियों के द्वारा बजाए जाने वाले तेज ध्वनि के
गाने भी दुर्घटनाओं के कारण बनते हैं इसलिए पुलिस ने यह निर्णय लिया है कि
इस बार यात्री तेज ध्वनि में गाने नहीं बजाएंगे और अपनी लेन से बाहर नहीं
निकलेंगे।
हरिद्वार में भी यात्रियों के लिए अलग लेन का निर्धारण किया
जाएगा ताकि अन्य रुटों पर ट्रैफिक बाधित न हो सके। इस संबंध में बैठक के
दौरान डीजीपी बी एस सिंद्धू ने कहा कि इस यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में
युवा आते हैं और सभी संवेदनशील रुटों की पहचान करना भी आवश्यक है।
संवेदनशील रास्तों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया जाएगा।