भड़काऊ भाषण के मामले में सुब्रह्मण्यम स्वामी को सुप्रीम कोर्ट से राहत
कथित भड़काऊ भाषण देने के मामले में असम की एक अदालत द्वारा वरिष्ठ भाजपा नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी के खिलाफ जारी गैर जमानती वारंट की तामील पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है।
न्यायमूर्ति रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति एमवाई इकबाल की पीठ ने साथ ही भड़काऊ भाषण और दंगा भड़काने संबंधित कानूनी प्रावधानों की संवैधानिक वैधता कोचुनौती देने वाली स्वामी की याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है।
स्वामी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील टीआर अंध्यार्जुन ने कहा कि एक विश्वविद्यालय में स्वामी ने व्याख्यान दिया है। इस लिए उनको प्रताड़ित किया जा रहा है।
छः हफ्ते की लगी रोक
पीठ भारतीय दंड संहिता के आईपीसी केकुछ प्रावधानों की संवैधानिक चुनौती देने वाली याचिका पर बहस के लिए तो तैयार हो गई है,लेकिन अदालत ने कहा कि जहां तक भड़काऊ भाषण देने पर वारंट जारी करने की बात है यह व्यक्तिगत मामला है।
लिहाजा स्वामी इसके लिए हाईकोर्ट जाएं। हालांकि अदालत ने वारंट को तामील करने पर छह हफ्ते की रोक लगा दी है।भड़काऊ भाषण देने के मामले में हाजिर न होने पर असम के करीमगंज की अदालत ने स्वामी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था।