...और गरीब तबका बस 'ताकता रह गया'
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गरीब तबके को जेटली के बजट से क्या मिला यह देखने की नहीं समझने की बात है।
अपने हर चुनावी भाषण में गरीब तबके को सपना दिखाने वाले मोदी के बजट में इस तबके के लिए सब कुछ पुराना है।
वित्त मंत्री ने गरीब तबके के लिए इस बार किसी नई योजना और फंड का ऐलान नहीं किया है। हालांकि पुरानी सभी योजनाओं को जारी रखने की घोषणा की गई है जो राहत देती है।
सब्सिडी का लॉलीपॉप!
वित्त मंत्री ने कहा कि जरूरतमंद व्यक्ति को ही डीजल और एलपीजी पर सब्सिडी की सुविधा मिलेगी। ये विचार अच्छा है लेकिन वित्त ने यह नहीं बताया कि सरकार जरूरतमंत और गरीब तबके को कैसे चिह्नित करेगी।
कंपटीशन एक्सपर्ट राजय अग्रवाल का कहना है कि मोदी सरकार ने इस बजट में गरीब तबके को केवल पुरानी योजनाओं के नाम पर ही संतुष्ट कर दिया है।
सरकार ने यूपीए सरकार द्वारा चलाई गई किसी भी योजना को बंद नहीं किया और उन्हें ही आगे बढ़ाने की बात कही है।
गरीब तबके के लिए कुछ योजनाएं
वित्त मंत्री ने घोषण की है कि पिछड़े क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा मजबूत करने के लिए अनुदान दिया जाएगा। उन्होंने दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना शुरू करने की बात की है जिसका उद्देश्य पिछड़े ग्रामीण क्षेत्र का विकास होगा।
2019 तक सभी परिवारों के लिए स्वच्छता अभियान शुरू किया जाएगा।
हर घर में शौचालय का वित्त मंत्री का सपना कब पूरा होगा, इस पर भी सबकी निगाह रहेगी।