मुजफ्फरनगर: रेप के बदले किया गैंगरेप
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युवती के साथ हुए दुष्कर्म का बदला लेने के लिए पांच युवकों ने आरोपी की बहन को घर से अगवा कर गैंगरेप किया। सोमवार की सुबह पीड़ित किशोरी गांव मिर्जा टिल्ला के बाहर बदहवास हालत में मिली।
पुलिस इस मामले को घंटों दबाए रही। मामला तूल पकड़ने पर तीन नामजद समेत पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। पीड़िता को मेडिकल के लिए भेजा गया है।
मामला ककरौली थाना क्षेत्र के एक गांव का है। समुदाय विशेष की एक युवती को 25 अगस्त की सुबह कुछ लोगों ने कम्हेड़ा पुल के पास नहर से निकाला था।
युवती के पिता ने गांव के ही युवक पर दुष्कर्म कर बेटी को नहर में फेंकने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने नामजद युवक को जेल भेज दिया था।
दूसरे समुदाय के युवकों ने किया अगवा
रविवार की रात आरोपी युवक की 16 वर्षीय बहन अपनी मां और भाभी के साथ घर में सोई थी। देर रात दूसरे समुदाय के पांच लोगों ने हथियारों के बल पर जबरन दरवाजा खुलवाया।
आरोप है कि आरोपी किशोरी को कार में डालकर ले गए। सोमवार की सुबह किशोरी अर्द्धनग्न और बदहवास हालत में सिखेड़ा थाना क्षेत्र के गांव मिर्जा टिल्ला स्थित बाग के बाहर लोगों को मिली।
किशोरी ने दूसरे समुदाय के पांच युवकों पर गैंगरेप का आरोप लगाया, जिनमें से तीन को पहचान लेने का भी दावा किया। सूचना पर ककरौली पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और पीड़िता को थाने ले आई।
आरोप है कि एसओ ककरौली कुलदीप कुमार ने वारदात को फर्जी बताते हुए रिपोर्ट दर्ज करने से इंकार कर दिया। परिजनों ने कई गांवों के प्रधान और लोगों के साथ थाने पर हंगामा किया।
पुलिस ने केस दर्ज कर शुरू की कार्रवाई
इसके बाद पीड़िता को मेडिकल के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।
शाम के समय पीड़िता के भाई ने गांव निवासी गुलजार, शाहिद, गुड्डू और दो अज्ञात के खिलाफ अपहरण और गैंगरेप की रिपोर्ट दर्ज कराई।
नामजद किए गए तीन आरोपी उसी युवती के परिवार के हैं, जिसके साथ 25 अगस्त को दुष्कर्म हुआ था। मामला दो समुदाय का होने के कारण क्षेत्र में तनाव के हालात हैं।
एसपी क्राइम राकेश कुमार जौली ने बताया कि किशोरी के बयान के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मेडिकल रिपोर्ट आने और जांच के बाद ही पूरे मामले में कुछ कहा जा सकेगा।
गांव छोड़ने की तैयारी में परिवार
गैंगरेप की शिकार हुई किशोरी का परिवार दहशत के चलते गांव से पलायन की तैयारी में है।
पीड़िता के पिता ने कहा कि उसके बेटे और बेटी को पहले फर्जी केस में फंसाया गया और अब उनके परिवार की इज्जत तार-तार कर दी गई। अब उनके पास गांव छोड़ने के सिवा कोई चारा नहीं है।
गैंगरेप पीड़िता का गांव अल्पसंख्यक बहुल है। करीब 4,200 की आबादी वाले गांव में 3,700 अल्पसंख्यक और लगभग 500 बहुसंख्यकों की आबादी है।
बहुसंख्यकों में भी पीड़ित किशोरी की जाति का यह अकेला परिवार है। रविवार रात हुई शर्मनाक वारदात के बाद अब किशोरी का परिवार दहशत के साये में है।
दहशत में पीड़िता का परिवार
पीड़िता के पिता ने ककरौली थाने में कहा कि पहले उसके बेटे और बेटी को समुदाय विशेष के लोगों ने दुष्कर्म के फर्जी मामले में फंसा दिया।
अब कथित वारदात का बदला लेने के लिए उनकी मासूम बेटी से गैंगरेप की घिनौनी वारदात को अंजाम दिया गया।
पुलिस को 25 अगस्त को समुदाय विशेष की युवती के साथ हुई कथित वारदात की असलियत पता है, लेकिन इसके बावजूद उनकी बेटी के गुनहगारों के खिलाफ रिपोर्ट तक दर्ज नहीं की जा रही है।
पुलिस की हीलाहवाली के चलते अब उन्हें गांव में जानमाल का खतरा सता रहा है। इसके चलते उनके पास अब गांव से पलायन के सिवा कोई ओर रास्ता नहीं बचा है।
देर शाम पीड़िता का परिवार गांव से पलायन की तैयारी में जुटा हुआ था। पुलिस अफसर पीड़िता के पिता द्वारा की जा रही पलायन की तैयारी की जानकारी होने से अनभिज्ञता जता रहे हैं।