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पाकिस्तानी बेटी को साथ रखना चाहती है हिंदुस्तानी मां

Fri, 09 May 2014 06:41 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ Updated Fri, 09 May 2014 06:41 PM IST
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in merrut a mother wants live with pak daughter

एक हिंदुस्तानी मां अपनी डेढ़ साल की पाकिस्तानी बच्ची को अपने साथ रखना चाहती है। लेकिन एक नियम इसके आड़े आ रहा है। बेटी मां से जुदा न हो, इसके लिए खुफिया विभाग ने गृह मंत्रालय को रिपोर्ट भेज दी है।

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मामला मेरठ के खैरनगर का है। जहां रहने वाली महिला का निकाह तीन साल पहले पाकिस्तान में हुआ था। कुछ दिन पहले वह अपनी डेढ़ वर्षीय बेटी के साथ मायके आ गई।

महिला के पास भारतीय नागरिकता है और यहीं का पासपोर्ट है, मगर उसकी बेटी का जन्म पाकिस्तान में हुआ। इस वजह से बेटी को पाकिस्तानी पासपोर्ट के जरिये यहां लेकर आई।

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बेटी को साथ रखने की मांगी इजाजत

in merrut a mother wants live with pak daughter

अब महिला ने विदेशी पंजीकरण सेल में अर्जी डाली है कि उसे मेरठ में रहकर इंगलिश स्पीकिंग कोर्स करना है, जिसमें करीब चार महीने लगेंगे। इस दौरान वह बेटी को भी साथ रखना चाहती है।

इस अर्जी पर खुफिया विभाग भी नियमों की परतें उधेड़ने में जुट गया। मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आया।

इसके बाद खुफिया विभाग ने गृह मंत्रालय को रिपोर्ट भेजी है, जिसमें कहा गया है कि मासूम बच्ची के मेरठ में रुकने से किसी प्रकार की दिक्कत नहीं है।

महिला पाकिस्तान में एलटीवी पर रहती है

in merrut a mother wants live with pak daughter

युवती ने पाकिस्तान के नागरिक से शादी की थी। वह पाकिस्तान स्थित अपनी ससुराल में एलटीवी (लांग टर्म वीजा) पर रह रही है। मेरठ में भी कई पाकिस्तानी महिलाएं हैं, जिन्होंने भारतीय से शादी की है और एलटीवी पर रह रही हैं।

आखिर क्या है नियम?
कोई भी पाकिस्तानी नागरिक जब भारत में अपने रिश्तेदार के यहां आता है, तो उसे सबसे पहले स्थानीय अभिसूचना कार्यालय में आमद करानी होती है।

जिस भी प्रकार के वीजा पर वह यहां आया, उसके रुकने की निर्धारित अवधि का उल्लेख होता है। अवधि पूरी होने पर उसे अपने देश लौटना पड़ता है या दोबारा आवेदन करके वीजा की अवधि बढ़वाई जाती है।

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