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इराक में फंसी 103 जानें, क्या करेंगे पीएम मोदी?

Tue, 24 Jun 2014 02:05 PM IST
Updated Tue, 24 Jun 2014 02:05 PM IST
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In Iraq more than hundred lifes in trouble

इराक में अगवा किए गए 39 भारतीय और हिंसाग्रस्त क्षेत्र में फंसी केरल की 46 नर्सों सहित 64 भारतीय नागरिकों का भविष्य अब भी अधर में लटका है। वहां विद्रोहियों के हमले तेज होने और स्वदेश वापसी के इच्छुक भारतीयों को स्थानीय कंपनियों द्वारा पासपोर्ट नहीं लौटाने के बढ़ते मामलों ने सरकार की सिरदर्दी बढ़ा दी है।

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विदेश मंत्रालय ने हिंसाग्रस्त क्षेत्र में फंसे अगवा भारतीयों सहित अन्य लोगों के अब तक सुरक्षित होने की बात कही है, वहीं स्वदेश वापसी के इच्छुक लोगों की परेशानी दूर करने के लिए स्थानीय कंपनियों से बातचीत की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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उधर बीते 8 दिनों से आतंकी संगठन आईएसआईएस के कब्जे में फंसे भारतीयों को रिहा करने के लिए विशेष दूत बनाकर इराक भेजे गए वरिष्ठ राजनयिक सुधाकर रेड्डी विभिन्न माध्यमों से बीच का रास्ता निकालने की कोशिशों में जुटे हैं।
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300 लोगों ने संपर्क साधा

In Iraq more than hundred lifes in trouble

विदेश मंत्रालय ने कहा है कि फिलहाल अगवा भारतीयों को आतंकी गुट ने किसी तरह की क्षति नहीं पहुंचाई है, जबकि हिंसाग्रस्त क्षेत्र में फंसे लोगों को बाहर नहीं निकाला जा सका है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि अगवा भारतीयों को छुड़ाने के प्रयास फिलहाल जारी हैं। इसके लिए हर जरूरी प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अस्पताल में फंसी 46 नर्सें भी फिलहाल सुरक्षित हैं, जबकि हिंसाग्रस्त क्षेत्र में फंसे 18 लोगों को अब तक सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया नहीं जा सका है।

प्रवक्ता ने बताया कि बीते 24 घंटों के दौरान मदद के लिए बगदाद स्थित दूतावास में 120 लोगों ने तो दिल्ली में रविवार को बनाए गए कंट्रोल रूम से 300 लोगों ने संपर्क साधा है। इनमें से कुछ लोगों ने स्वदेश वापसी के लिए मदद मांगी है, जबकि कई लोगों ने वहां फंसे अपने रिश्तेदारों केबारे में जानकारी देने का अनुरोध किया है।

कंपनियों से सीधे संपर्क में दूतावास

In Iraq more than hundred lifes in trouble

भारतीयों की स्वदेश वापसी की राह में रोड़ा बनी स्थानीय कंपनियों से बगदाद स्थित दूतावास ने सीधा संपर्क साधना शुरू कर दिया है। उल्लेखनीय है कि स्थानीय कंपनियां भारतीय कामगारों को पासपोर्ट वापस नहीं लौटा रही हैं।

इस मामले में दूतावास के अधिकारियों ने स्थानीय कंपनी नजफ से सीधा संपर्क किया है, जहां करीब 2500 भारतीय कार्यरत हैं। प्रवक्ता ने बताया कि दूतावास ने करीब डेढ़ दर्जन कंपनियों से सीधा संपर्क साधा है।

नर्सों से लगातार जारी है संपर्क

हालांकि हिंसाग्रस्त क्षेत्र में फंसी 46 नर्सों सहित 64 लोगों को सुरक्षित बाहर नहीं निकाला जा सका है। मगर दूतावास इनके लगातार संपर्क में है। प्रवक्ता के मुताबिक सभी नर्सें सुरक्षित हैं, और इन्हें सुरक्षित इलाकों में पहुंचाने के प्रयास लगातार जारी हैं।

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