इराक: फंसी नर्सों का बदला जा रहा ठिकाना
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भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने मीडिया से कहा है कि इराक में फंसी भारतीय नर्सों का ठिकाना बदला जा रहा है।
उन्होंने कहा, "तिकरित में जो नर्सें थीं उन्हें कुछ समय पहले दूसरी जगह ले जाया गया है। वे अपनी सुरक्षा को देखते हुए ही वहां से हटने को राजी हुई हैं। उनको कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।"
जब उनसे ये पूछा गया कि क्या नर्सें अपनी मर्जी से वहां से गई हैं या उन्हें इस्लामिक स्टेट इन इराक ऐंड अल-शाम के चरमपंथी ले गए हैं तो अकबरुद्दीन का कहना था कि 'संघर्ष वाले इलाक़े में कोई भी अपनी मर्जी से एक जगह से दूसरी जगह नहीं जाता'।
'भारतीय अधिकारी नर्सों के संपर्क में हैं'
अकबरुद्दीन ने कहा, "मैं इराक में फंसी भारतीय नर्सों की निश्चित संख्या नहीं बता सकता।" अकबरुद्दीन ने बताया कि भारतीय अधिकारी तिकरित शहर से हटाई गईं नर्सों के संपर्क में हैं।
प्रवक्ता के अनुसार इराक़ में 25 भारतीय अधिकारियों को संघर्ष वाले क्षेत्र में तैनात किया गया है। उनका कहना था कि मोसूल में जो भारतीय बंधक बनाए गए थे उनके बारे में पता चला है कि उन्हें भी कोई नुक़सान नहीं पहुंचा है।
उन्होंने बताया कि इराक में कांच टूटने की एक घटना में कुछ नर्सों को मामूली चोटें पहुँची हैं लेकिन कोई भी नर्स गंभीर रूप से घायल नहीं हुई है।