भारत में बढ़ रही है अमीर-गरीब की खाई
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एशिया प्रशांत में अमीर और गरीब के बीच खाई लगातार बढ़ रही है। इतना ही नहीं भारत, चीन और इंडोनेशिया जैसी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में आय असमानता भी बढ़ी है।
इसका खुलासा एशिया प्रशांत क्षेत्र के लिए संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक और सामाजिक आयोग की रिपोर्ट से हुआ।
रिपोर्ट में कहा गया है कि असमानता इस क्षेत्र के लिए प्रमुख सामाजिक-आर्थिक चुनौती है। राष्ट्रीय स्तर पर, मौजूदा दशक में प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में आय समानता बढ़ी है। समुदायों के भीतर और समाज के बाहर आय की खाई चौड़ी हो रही है।
रिपोर्ट में कई बड़े खुलासे
भारत में 1990 के दशक से 2000 के दशक के बीच आय असमानता में 30.8 से 33.9 फीसदी की वृद्धि हुई है। जबकि चीन में 32.4 से 42.1 फीसदी और इंडोनेशिया में 29.2 से 38.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
हालांकि इसी दौरान कंबोडिया, कजाकिस्तान, मलयेशिया, नेपाल, फिलीपींस, थाईलैंड और उजबेकिस्तान में आय असमानता कम हुई है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि आय में असमानता की वजह कमजोर श्रम बाजार इंस्टीट्यूशन, अपर्याप्त सामाजिक सुरक्षा प्रणाली, कमजोर गुणवत्ता युक्त शिक्षा, अपर्याप्त जमीन हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि एशिया प्रशांत क्षेत्र में गरीब और अमीर के बीच की खाई चौड़ी होती जा रही है। संयुक्त राष्ट्र की इस संस्था ने एशिया प्रशांत इलाके के करीब 40 देशों में अपना अध्ययन किया।