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दो मुलाकातों में ही मोदी के मुरीद हुए ओबामा

Mon, 24 Nov 2014 03:58 PM IST
Updated Mon, 24 Nov 2014 03:58 PM IST
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In his second meeting modi called invite obama in Repulic pareade of India

दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था यानी अमेरिका और भारत के संबंधों में जितनी नजदीकी हाल के दौर में बढ़ी है वैसी पहले कभी नहीं रही। ऐसा पहली बार हो रहा है जब अमेरिकी राष्ट्रपति भारत के गणतंत्र दिवस परेड पर बतौर मुख्य अतिथि शरीक होने आ रहे हैं।

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दोनों देशों के रिश्तों की यह नजदीकी म्यामांर में साफ तौर पर देखी जा सकती थी। भारत और अमेरिका के रिश्तों के इतिहास पर नजर डालें तो भारत और अमेरिकी मुखिया के बीच ऐसी बांडिंग कभी नहीं रही जिस तरह की बांडिंग अब दुनिया देख रही है। जानकार बताते हैं कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के बीच भी कभी ऐसी केमिस्ट्री नहीं रही और मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ बस दूसरी औपचारिक मुलाकात में वह कर दिखाया जो मनमोहन सिंह कई मुलाकातों के बाद भी नहीं कर पाए।
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आधिकारिक जानकारी के मुताबिक म्यांमार में मोदी और ओबामा के बीच जबरदस्त कैमिस्ट्री देखने को मिल रही थी जो कि हर किसी को हैरान कर रही थी क्योंकि यह मोदी और ओबामा के बीच की महज दूसरी औपचारिक मुलाकात थी। ईस्ट एशिया समिट का हिस्सा बनने के लिए म्यांमार दौरे पर गए मोदी के प्रस्ताव का अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा स्वीकार किया जाना हर किसी को हैरान कर गया। मोदी ने अपनी दूसरी मुलाकात में ही बराक ओबामा को गणतंत्र दिवस परेड में हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित किया, जिसे ओबामा ने आसानी से स्वीकार कर लिया।
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पहली ही मुलाकात में तय हो गया था

In his second meeting modi called invite obama in Repulic pareade of India

हालांकि इस न्यौते की नीव मोदी और ओबामा की सितंबर में हुई पहली मुलाकात के दौरान ही रख दी गई थी। महज कूटनीतिक रिवाज के लिहाज से इस स्वीकारोक्ति को दूसरी मुलाकात तक खींचा गया। ऐसा आमतौर पर कम ही देखा जाता है जब अमेरिकी राष्ट्रपति किसी अनियोजित दौरे को अचानक स्वीकृति दे दें। साल 2010 में भी ओबामा की भारत यात्रा पूर्व नियोजित थी।

अमेरिकी विदेश मंत्रालय की सहायक विदेश मंत्री निशा बिस्वाल ओबामा की यात्रा के मद्देनजर मंगलवार को दिल्ली आ रही हैं। हैरानी करने वाली बात यह है कि ओबामा को निमंत्रण भेजे जाने की प्राथमिक औपचारिकता में भारत स्थित अमेरिकी दूतावास का जरा भी योगदान नहीं है। भारत में अमेरिकी राजदूत एस जयशंकर ने हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति को आमंत्रित करने की योजना में अहम भूमिका निभाई है।

सूत्रों के मुताबकि अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच की केमिस्ट्री की पहली झलक उस वक्त ही मिल गई थी जब ओबामा और मोदी ने इसी साल सितंबर महीने में लिंकन मेमोरियल जाते वक्त एक ही कार में सफर किया था। ओबामा ने भी मोदी के साथ मेमोरियल का दौरा किया था और उस वक्त ये दोनों नेता काफी सहज दिख रहे थे। ओबामा का यह दौरा भी पूर्व नियोजित नहीं था।

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