यहां मृत लोगों को भी दी जा रही है सब्सिडी!
गरीबी हटाने या गरीबों को कुछ राहत देने के नाम पर सरकार की ओर से लोगों को सब्सिडी दी जा रही है। लेकिन सब्सिडी देने वाले महकमें और किसी भी अधिकारी को यह पता नहीं है कि सब्सिडी लेने वाला जीवित है या नहीं।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसा, हरियाणा के मेवात जिले के धाणा गांव में कई ऐसे सब्सिडी के लाभार्थी हैं जिनकी मृत्यु कई साल पहले ही हो चुकी थी।
रिपोर्ट के अनुसार धाणा गांव में हट्टी, इब्राहीम और हरमत नाम के किसान ऐसे ही लाभार्थी हैं जिनकी मौत 2001 और 2006 के दौरान हो गई थी।
लेकिन इन्हें लोगों के नाम से हॉर्टीकल्चर विभाग के पास फिर से आवेदन आए हैं।
मृत के नाम आवेदन और फिर सब्सिडी
जिले के हॉर्टीकल्चर विभाग के अनुसार मृत लोगों के नाम से आवेदन आए और उन्हें भी सब्सिडी जारी की गई। यह सब्सिडी नेशनल मिशन ऑन माइक्रो इरिगैशन के तहत 2011 में दिए गए।
एक लाभार्थी इब्राहीम के पुत्र ने बताया कि उसके पिता की मौत 75 साल की उम्र में 2001 में हो गई थी और विभाग कह रहा है कि उसके पिता ने सरकार से एक लाख 48 हजार की सब्सिडी ली है।
इसी प्रकार किसान हैती नाम पर भी ऐसा ही हुआ। हैती की मौत 2006 में हो चुकी थी लेकिन उसके नाम से विभाग को 2011 में आवेदन प्राप्त हुआ और सब्सिडी भी जारी की गई।
जबकि मामले पर हैती के बेटे का कहना है कि विभाग उन पर इस प्रकार के गलत आरोप लगा रहा है जबकि उन्हें आवेदन देने के बाद भी सब्सिडी नहीं मिली।