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आईएमए बलात्कारियों के केमिकल कैस्ट्रेशन के खिलाफ

Fri, 04 Jan 2013 08:09 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Fri, 04 Jan 2013 08:09 AM IST
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ima is against chemical castration of rapists

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने कहा है कि रासायनिक विधि से नपुंसक बनाना स्वास्थ्य की दृष्टि से अच्छा नहीं है। संगठन का मानना है कि यह प्रक्रिया ज्यादा कारगर भी नहीं है। लिहाजा ऐसे किसी कानून बनाने के पहले सरकार को चिकित्सकों की राय जरूर लेनी चाहिए।

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आईएमए ने एक सुर में दुष्कर्मियों को सख्त सजा देने की मांग तो की, लेकिन उन्हें रासायनिक विधि से नपुंसक बनाने पर आपत्ति जताई है। चिकित्सकों ने बताया कि हर तीन माह पर रासायनिक दवा के इंजेक्शन का असर खत्म हो जाता है।
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आईएमए की ओर से कहा गया है कि रासायनिक विधि से इंजेक्शन देकर नपुंसक बनाना न तो सुरक्षित है और न ही स्वास्थ्य की दृष्टि से अच्छा है। लंबे समय तक दवा देने से हड्डियां पतली हो जाती हैं और और हृदय संबंधी बीमारी का भी खतरा बढ़ जाता है। 
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आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विजय कुमार ने कहा कि स्कूली उम्र से ही यौन शिक्षा का ज्ञान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि खासकर युवा वर्ग को जागरूक करने की जरूरत है, ताकि बलात्कार जैसी सोच खात्म हो सके।


महासचिव डॉ. नरेंद्र सैनी ने कहा कि इस संबंध में आईएमए की ओर से चिकित्सकों के लिए एक दिशा-निर्देश जारी किया जाएगा। आईएमए के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ.के.के. अग्रवाल ने कहा कि बलात्कारी और पीड़िता दोनों का एचआईवी एड्स, हेपेटाइटिस बी और सी की जांच होनी चाहिए। क्योंकि ये सभी बीमारियां एक से दूसरे में शारीरिक संबंध बनाने से पहुंच सकती है।


आईएमए के सुझाव
. यौन शिक्षा की शुरुआत स्कूली स्तर से किया जाना चाहिए।
. दुष्कर्म के मामले में पीड़िता की सभी तरह की जांच की जानी चाहिए।
. बलात्कार के आरोपियों की भी डॉक्टरी जांच करवानी चाहिए।
. डॉक्टरों और पुलिस को रिश्वत देकर गलत इंजेक्शन देने का खतरा बना रहेगा।
. 16 वर्ष की उम्र के बलात्कारी के खिलाफ भी सख्त कानून के तहत कार्रवाई हो।

दुष्कर्म पीड़िता की मेडिकल जांच में सावधानी  
. पीड़िता की मेडिकल जांच में गोपनीयता बरती जानी चाहिए।
. आघात के संबंध में चिकित्सक पीड़िता से पूरी जानकारी लें और मेडिकल रिपोर्ट में सभी तथ्यों को शामिल करें।
. लैब में शुक्राणु, पीएसएफ, डीएनए जांच के लिए भेजा जाना चाहिए।
. एचआईवी जांच के लिए ब्लड टेस्ट सहमति के बाद अवश्य लेनी चाहिए।

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