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आडवाणी की 'बीमारी' से मोदी की 'ताजपोशी' अटकी
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Sat, 08 Jun 2013 06:35 PM IST
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गोवा में भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में शनिवार को दुविधा की स्थिति बनी रही।
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वरिष्ठ नेताओं की गैरमौजूदगी में दो खेमों में बंटी भाजपा चुनाव प्रचार अभियान का जिम्मा मोदी को सौंपने को लेकर कोई फैसला नहीं कर पाई।
मोदी समर्थकों का 'हल्ला-बोल'
पार्टी के इतिहास में पहली बार भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी बीमार होने के कारण शनिवार को कार्यकारिणी की बैठक में नहीं पहुंचे।
भाजपा में फैला 'नमो-निया', आडवाणी 'बीमार'
आडवाणी के अलावा अन्य बड़े नेता उमा भारती, यशवंत सिन्हा और बीसी खंडूड़ी भी कार्यकारिणी की बैठक में नहीं आए।
इसे आडवाणी की नाराजगी के तौर पर भी देखा जा रहा है।
मोदी पर नहीं हुआ फैसला
कार्यकारिणी की बैठक में नरेंद्र मोदी को पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव में प्रचार अभियान की कमान सौंपे जाने की संभावना थी लेकिन इस पर कोई फैसला नहीं हो सका।
इसके लिए मोदी समर्थकों और संघ की ओर से जोरदार मांग भी गई लेकिन आडवाणी की अनुपस्थिति में फैसले को टाल दिया गया।
मोदी समर्थकों का आडवाणी के घर के बाहर प्रदर्शन
सूत्रों के मुताबिक आडवाणी की करीबी सुषमा स्वराज ने मोदी को लेकर घोषणा करने में आपत्ति दर्ज कराई।
भाजपा पड़ी मुश्किल में
मोदी और आडवाणी की इस पर्दे के पीछे की लड़ाई से भाजपा पार्टी प्रवक्ता शहनवाज हुसैन भी मुश्किल स्थिति में दिखे।
बड़े नेताओं की अनुपस्थिति में मोदी को चुनाव प्रचार का जिम्मा सौंपने के सवाल पर हुसैन ने कहा, 'कल तक रुकिए, हम उच्च स्तर पर बात किए बगैर फैसला नहीं ले सकते'।
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गोवा के सीएम का मोदी को समर्थन
गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर परिकर ने एक इंटरव्यू में नरेंद्र मोदी का खुलकर समर्थन करते हुए अगले लोकसभा चुनाव में भाजपा का चेहरा बनाने की मांग की।
परिकर ने मोदी के सुशासन और लोकप्रियता की तारीफ भी की। परिकर ने कहा कि अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों से छह महीने पहले तो जनता को सबकुछ स्पष्ट होना चाहिए।
हालांकि परिकर ने बाद में अपने बयान के पर सफाई देते हुए कहा कि चुनाव से छह महीने पहले स्पष्टता जरूरी है लेकिन अभी उसके लिए दो महीने बाकी हैं।
राजनाथ ने मांगा पीएम से इस्तीफा
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन भाषण में कोयला घोटाले पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से इस्तीफे की मांग की।
उन्होंने कहा कि खुद सरकार के मुखिया भ्रष्टाचार और घोटालों को लेकर संदेह के घेरे में हैं और वह सभी नियमों ताक पर रखते हुए संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर अपनी कुर्सी बचाये हुए हैं।
भाजपा की प्रेस कांफ्रेंस में प्रकाश जावड़ेकर ने फिर से पीएम के इस्तीफे की मांग दोहराई।
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