तो क्या अब महंगी हो जाएगी आईआईटी की पढ़ाई!
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आईआईटी के बोर्ड ऑफ गवर्नर (बीओजी) का चेयरमैन बनने के बाद मारुति उद्योग लिमिटेड के डॉ. आरसी भार्गव ने रविवार को पहली मीटिंग में हिस्सा लिया और बीटेक की पढ़ाई को महंगा करने का संकेत दिया। बीओजी चेयरमैन का कहना है कि आईआईटी को अपनी आंतरिक आय बढ़ानी होगी, तभी बजट की कमी पूरी की जा सकेगी।
बीओजी चेयरमैन ने कहा कि ब्रेन ड्रेन को रोक पाना संभव नहीं है। जो स्टूडेंट डेढ़ करोड़ रुपये सालाना वेतन पाएगा, वह किसी भी देश में जाकर जॉब करने को तैयार होगा। बीओजी की मीटिंग रविवार को विजिटर गेस्ट हाउस में हुई।
इसमें आईआईटी के आय-व्यय का ब्योरा देखा गया, फिर कहा गया कि अब देश में 22 आईआईटी खुल गई हैं। सबको 300 से 400 करोड़ रुपये का बजट सरकार नहीं दे सकती है। आईआईटी को ही अपने सुविधा-संसाधन में बढ़ोतरी करनी होगी।
इसके लिए यूजी और पीजी के नए कोर्स भी लांच किए जा सकते हैं। सत्र 2016-17 से फीस बढ़ाने का विकल्प भी है। इसकी अनुमति मंत्रालय से मांगी जानी चाहिए। एक और विकल्प है, जिसके तहत स्टूडेंटों को एजूकेशन लोन दिलाया जाना है।
बीओजी चेयरमैन ने दिए संकेत
निदेशक प्रो. इंद्रनील मन्ना का कहना है कि गत महीने आईआईटी काउंसिल की मीटिंग मुंबई में हुई थी। इसमें सारा जोर आंतरिक आय बढ़ाने पर था। कहा गया था कि पेंशन को छोड़कर सभी तरह के खर्च का भार आईआईटी उठाए। यह तभी संभव है, जब आंतरिक आय में इजाफा हो जाए।
इस सिलसिले में बीओजी चेयरमैन से बात की गई। वह आईएएस से कारपोरेट सेक्टर में आए और अब मारुति उद्योग में महत्वपूर्ण पोजिशन पर हैं। चेयरमैन के अनुभव और विजन का फायदा मिलेगा। जो भी समस्याएं आएंगी, उसे दूर करके आईआईटी को देश, दुनिया का टॉप इंस्टीट्यूट बनाया जाएगा।