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IIT कानपुर का हेलीकॉप्टर करेगा सरहदों की निगरानी

Sat, 27 Oct 2012 08:21 AM IST
संतोष सिंह/कानपुर
संतोष सिंह/कानपुर Updated Sat, 27 Oct 2012 08:21 AM IST
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iit kanpur made chopper will keep eye on indian borders

आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिकों द्वारा बनाया गया मिनी हेलीकॉप्टर अब देश की सरहदों की निगरानी करेगा।  वैज्ञानिकों ने इस 2 सीटर हेलीकॉप्टर का प्रोटोटाइप डिजाइन (मॉडल) बना लिया है, जिसका सफल परीक्षण किया जा चुका है।

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आटोमैटिक फ्लाइट और ग्राउंड कंट्रोल वाले इस मिनी हेलीकॉप्टर का वजन भी सामान्य हेलीकॉप्टर से काफी कम है। खास बात यह है कि इसकी मदद से न सिर्फ सीमा की निगरानी की जा सकेगी बल्कि एग्रीकल्चर, वानिकी, पर्यावरण की रेग्युलर मॉनीटरिंग भी हो सकती है। कानून व्यवस्था को दुरुस्त बनाए रखने के अलावा निजी प्रयोग के लिए इसका इस्तेमाल हो सकता है।
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भारत सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (डीएसटी) ने साल 2007 में मिनी हेलीकॉप्टर और उसका डिजाइन बनाने का प्रोजेक्ट आईआईटी कानपुर को सौंपा था। इस प्रोजेक्ट पर एयरोस्पेस इंजीनियरिंग के वैज्ञानिकों ने काम किया। जनवरी 2012 तक लैब, फील्ड टेस्टिंग होने के बाद सितंबर में मिनी हेलीकॉप्टर का प्रोटोटाइप  डिजाइन बना लिया गया, जिसे डीएसटी ने पास भी कर दिया है।
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अब हेलीकॉप्टर का वास्तविक मॉडल बनाया जा रहा है, जो अगले 2 साल में पूरा हो जाएगा। प्रोजेक्ट से जुड़े एक वैज्ञानिक ने बताया कि हेलीकॉप्टर बनाने में एक करोड़ रुपये खर्च हुआ है। हेलीकॉप्टर में एडवांस तकनीक का प्रयोग हुआ है। मैग्नेटिक सेंसर, सर्वो कंट्रोल, जीपीएस पावर हाउस और कम्युनिकेशन इक्युपमेंट के जरिए इसे स्वायत्त (आटोनॉमस) बनाया गया है। यानी मानव रहित हेलीकॉप्टर के रूप में भी इसका प्रयोग किया जा सकेगा। इसका आटोमैटिक फ्लाइट, ग्राउंड कंट्रोल सिस्टम सामान्य हेलीकॉप्टर से अच्छा है।

हेलीकॉप्टर बनाने वाली टीम
- प्रो. सी वेंकटेशन (हेड कोआर्डिनेटर)
- प्रो. सीएस उपाध्याय
- प्रो. ए कुशहरी
- प्रो. जोसेफ जान
- प्रो. श्यामा प्रसाद दास
- प्रो. अमिताभ मुखर्जी

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