कोहरे से मिलेगी निजात, IIT-BHU ने निकाला रास्ता
आईआईटी बीएचयू के धातुकीय अभियांत्रिकी विभाग के वार्षिक तकनीकी उत्सव ‘अन्वेषण - 2016’ में छात्र-छात्राओं ने भविष्य को तलाशा। उन्हें यहां अपनी नई खोज और नवोन्मेषी शोध को प्रदर्शित करने मौका तो मिला ही, साथ ही इस आयोजन में आईं कंपनियों ने इंटर्नशिप के लिए छात्र-छात्राओं को उनकी योग्यता के अनुसार तलाशा।
‘अन्वेषण 2016’ के दौरान ही रेलवे मंत्रालय द्वारा स्थापित मालवीय सेंटर की ओर से मांगे गए सुझावों के तहत शोध छात्रों ने कोहरे से निजात के समाधान भी सुझाए।
समाधान के तौर पर शोध छात्रों ने बताया कि अगर रेल इंजन की मुख्य खिड़की पर एंटी फॉग परत चढ़ाई जाए तो इस समस्या से निजात पाया जा सकता है।
बताया की इंजन की मुख्य खिड़की पर एंटी फॉग परत के साथ एंटी फॉग रसायन का छिड़काव भी किया जा सकता। इस दौरान टीसीएस ने छात्रों से ऑटोमोबाइल गियर बनाने की नई तकनीक ढूंढने को कहा।
कई शोध संस्थानों ने लिया हिस्सा
तीन दिवसीय अन्वेषण में प्रतिभागियों को विभिन्न उद्योगों और शोध संस्थाओं द्वारा दी गई ऐसी ही समस्याओं को हल कर उन्हें उद्योग से जुड़ने का आधार दिया।
टाटा स्टील, भारत फोर्ज, जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड, पिक माय लॉण्ड्री के साथ एनएमएल, डीएमआरएल और डीएमएसआरडी जैसे शोध संस्थानों ने हिस्सा लिया।
वहीं टाटा स्टील के सीटीओ एवं एमडी डॉ. टी वेणुगोपाल, डीएसआरएल के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. पार्थ घोषाल और टीसीएस के उपाध्यक्ष डॉ. प्रदीप ने भी यहां अपने विचार रखे।