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सीएम ने कहा, मोदी की उपेक्षा होगी बड़ी बेवकूफी

Fri, 11 Oct 2013 11:39 AM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Fri, 11 Oct 2013 11:39 AM IST
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ignoring modi would be a dangerous mistake, omar says

बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के चलते यूपीए के घटक दलों में हलचल दिखने लगी है। मोदी की बढ़ती लोकप्रियता का असर अब साफ दिखने लगा है।

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जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का बयान इसी ओर संकेत करता दिखता है।

उमर ने एक समाचार पत्र को दिए साक्षात्कार में कहा है कि नरेंद्र मोदी की उपेक्षा करना एक खतरनाक भूल होगी। यहां तक कि उन्होंने यूपीए को जनता के सामन कोई विकल्प दे पाने में भी असफल पाया है।
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अब्दुल्ला इस दौरान मोदी के बढ़ते कद पर भी चिंता जताते हुए नजर आए। उमर की पार्टी नेशनल कांफ्रेंस यूपीए की एक घटक दल है और उनके पिता सरकार में मंत्री हैं।
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उमर ने कहा कि यूपीए के घटकों के लिए मोदी की उपेक्षा करना मूर्खता होगी बल्कि यह एक गंभीर गलती होगी।
अगर छह महीने पहले उनसे मोदी फैक्टर के बारे में पूछा जाता तो वे इसे अप्रभावी बताते है लेकिन आज ऐसा करना बेवकूफी है।

उमर ने कहा कि मोदी ने यहां भाजपा कैडर को एकजुट किया है और संभावना है कि जम्मू-कश्मीर में भी मोदी के नेतृत्व का करिश्मा दिख सकता है। यह कैडर चुनाव में कुछ भी बना या बिगाड़ सकता है।

भारतीय जनता पार्टी ने 13 सितंबर को गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को 2014 आम चुनावों के लिए अपना पीएम उम्मीदवार को घोषित किया था। इसके बाद मोदी लगातार कई राज्यों में रैली कर चुके हैं और एक राष्ट्रीय नेता की पहचान बनाने में जुटे हैं।

जनता को नहीं दिया विकल्प
उमर अबदुल्ला ने यूपीए के घटक दलों को जनता के सामने कोई विकल्प न दे पाने के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने खुद को भी इसमें असफल करार दिया।

वीके सिंह पर केंद्र की नरमी
पूर्व सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह के आरोपों पर भी मुख्यमंत्री ने एक सवाल के जरिए जवाब दिया। हाल ही में वीके सिंह ने कहा था कि सेना जम्मू-कश्मीर में कई कामों के लिए राजनेताओं को पैसे देती है।


इस पर अब्दुल्ला ने कहा कि नेताओं को आर्मी का पेड एजेंट्स कहा जा रहा है। आतंकवाद वर्ष 1990 का उत्पाद है तो सवाल यह है कि इससे पहले आर्मी किसे पैसे देती थी और क्यों।

उन्होंने कहा कि केंद्र वीके सिंह के प्रति नरमी दिखा रहा है। जब वो सरकार को कोर्ट में लेकर गए थे उन्हें तभी जवाब दे देना चाहिए था।

साथ ही सीमा पर बड़ रहे आंतकी हमलों पर उन्होंने कहा कि इस संबंध में सेना से बातचीत की है।

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