दूतावास की अनदेखी से स्वदेश नहीं लौट पा रही महिला
सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित भारतीय दूतावास की संवेदनहीनता एक भारतीय महिला पर भारी पड़ रही है।
दरअसल, नर्स बनाने का झांसा देकर हैदराबाद से सऊदी अरब ले जाई गई महिला को दूतावास ने सऊदी वेलफेयर डिपोर्टेशन सेंटर तो भेज दिया, मगर करीब चार महीने के बाद भी उसे भारत नहीं भेजा गया है।
विदेश मंत्रालय और दूतावास अरसे से एग्जिट परमिट मिलते ही महिला को स्वदेश भेजने का आश्वासन दे रहे हैं।
स्वदेश वापसी के इंतजार में महिला
महिला के पिता ने इस संबंध में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री, महिला आयोग, मानवाधिकार आयोग और भारत स्थित सऊदी अरब के दूतावास का दरवाजा खटखटाया है, मगर उन्हें अब तक उम्मीद की किरण दिखाई नहीं दे रही।
महिला के पिता की मुश्किल यह है कि सऊदी अरब में ही उनकी बेटी की साथ गई पत्नी का कोई अता पता नहीं है। दिलचस्प तथ्य यह है नर्स बनाने का झांसा देकर मां-बेटी को सऊदी भेजने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
हैदराबाद में व्यवसाय करने वाले बिहार के लखीसराय जिले के भागवत बिंद ने बताया कि करीब चार महीने पहले हैदराबाद में एक व्यक्ति ने असद ट्रेवल एजेंसी के जरिए उनकी पत्नी बसंती देवी और बेटी कंचन देवी को नर्स बनाने का झांसा देते हुए सऊदी अरब भेजा।
मां-बेटी को हुई बेचने की कोशिश
महिला के पिता भागवत बिंद के मुताबिक सऊदी जाने के बाद दोनों को बेचने की कोशिश हुई। इस दौरान उनकी बेटी किसी भारतीय के सहयोग से रियाद स्थित भारतीय दूतावास पहुंची।
दूतावास ने उनकी बेटी को सऊदी वेलफेयर डिपोर्टेशन सेंटर भेज दिया। जबकि उनकी पत्नी का कोई अता पता नहीं है।
चार माह से आश्वासन दे रहा विदेश मंत्रालय बिंद को उनकी बेटी को डिपोर्टेशन सेंटर भेजे जाने की सूचना विदेश मंत्रालय ने दी। लेकिन इसके करीब चार महीने के बाद भी उनकी बेटी को स्वदेश नहीं भेजा गया।
बिंद के मुताबिक मंत्रालय हर बार एग्जिट परमिट मिलने पर बेटी को स्वदेश लाने का आश्वासन देता है। जबकि पत्नी के बारे में उनके पास कोई सूचना नहीं है।