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पढ़ाकू हैं तो 3 साल से पहले भी पा सकेंगे डिग्री

Sun, 21 Oct 2012 11:44 AM IST
बृजेश सिंह/नई दिल्ली
बृजेश सिंह/नई दिल्ली Updated Sun, 21 Oct 2012 11:44 AM IST
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if you are more intelligent you would take degree three years before

अंडर ग्रेजुएट कोर्स के लिए कम्युनिटी कॉलेजों में वैसे तो तीन साल में डिग्री दिये जाने का प्रावधान होगा, लेकिन यदि कोई छात्र पढ़ाकू किस्म का है तो वह तीन साल के कोर्स को दो साल में खत्म करके डिग्री हासिल कर सकेगा। इन कॉलेजों में सालाना परीक्षा अथवा सेमेस्टर सिस्टम के स्थान पर क्रेडिट बेसिस पर छात्रों का मूल्यांकन किया जाएगा।

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उल्लेखनीय है कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने नियमित कॉलेजों व विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा नहीं कर पाने वाले छात्रों के लिए कम्युनिटी कॉलेज शुरु करने की योजना तैयार की है। कम्युनिटी कॉलेजों में पढ़ाई के सिस्टम व फ्रेमवर्क निर्धारित करने के लिए मंत्रालय ने 30 मार्च, 2012 को मध्यप्रदेश की शिक्षा मंत्री अर्चना चिटनिस की अध्यक्षता में केमटी गठित की। इस कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में वर्ष 2013 से देश भर में केवल 100 कम्युनिटी कॉलेजों की स्थापनकर योजना को आरंभ करने का सुझाव दिया है। रिपोर्ट में इस योजना के तहत खुलने वाले कॉलेजों को कम्युनिटी कॉलेज के बजाय कोई अन्य नाम दिए जाने का सुझाव भी रखा गया है।
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इन कॉलेजों की स्थापना औपचारिक शिक्षा के साथ ही वोकेशनल शिक्षा को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। यहां पढ़ने वाले ज्यादातर छात्र वे होंगे, जो नियमित कॉलेजों में अपनी पढ़ाई किन्ही कारणों से जारी नहीं रख सके। कम्युनिटी कॉलेजों में छात्रों के मूल्यांकन के लिए क्रेडिट सिस्टम लागू किया जाएगा। वर्तमान में सामान्य डिग्री कोर्स तीन साल का है। इन कॉलेजों में भी डिग्री कोर्स तीन साल के लिए रखे जाने का सुझाव है लेकिन पूरी अवधि से कम समय में ही कोई छात्र पाठयक्रम पूरा कर क्रेडिट हासिल कर लेता है तो उसे तीन साल से पहले भी डिग्री प्रदान की जा सकती है।
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कम्युनिटी कॉलेजों में डिप्लोमा, सर्टीफिकेट तथा पीजी डिप्लोमा कोर्स भी होगा। व्यवसायिक शिक्षा के पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए न्यूनतम शिक्षा की अनिवार्यता भी इन कॉलेजों में नहीं रखे जाने का सुझाव कमेटी की ओर से दिया गया है। खासकर कृषि, उद्यानीकरण अथवा किसी परंपरागत व्यवसायों से संबंधित प्रशिक्षण में यह नियम लागू होगा। इन कॉलेजों में छात्र यदि कुछ समय के लिए पढ़ाई बीच में छोड़ देते हैं तो दुबारा कॉलेज ज्वाइन करने पर पूर्व में हासिल क्रेडिट के आधार पर बाकी कोर्स की पढ़ाई पूरी की जा सकेगी।

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