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केंद्र सरकार ने लोकपाल कानून के तहत उस नियम को अधिसूचित कर दिया है, जिसके मुताबिक सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए अपनी, अपने पति या पत्नी और आश्रित बच्चों की संपत्ति और देनदारी का खुलासा करना अनिवार्य है।
सरकार ने अपने कर्मचारियों से ब्योरा दाखिल करवाने के लिए नए फॉर्म जारी कर दिए हैं। इनमें तमाम विवरणों के लिए जगह दी गई है।
सरकारी कर्मचारियों को हर वित्त वर्ष के दौरान 31 मार्च तक अपनी नकदी, बैंक डिपोजिट, बांडों में निवेश, डिबेंचर शेयर और कंपनियों या म्यूचुअल फंड की यूनिटों का ब्योरा भरना होगा।
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साथ ही उन्हें बीमा पॉलिसियों, प्रॉविडेंट फंड, पर्सनल लोन या किसी व्यक्ति या निकाय को दिए गए एडवांस की भी जानकारी देनी होगी। उन्हें वाहनों, विमानों, याच, सोने-चांदी और इसके गहनों की भी जानकारी देनी होगी।
अचल संपत्ति और कर्ज और देनदारी से संबंधित ब्योरा भी दाखिल करना होगा। गौरतलब है कि आईएएस, आईएफएस और आईपीएस अफसरों समेत देश में केंद्र सरकार के 50 लाख कर्मचारी हैं।
पिछले सप्ताह कार्मिक और प्रशिक्षण मंत्रालय ने पब्लिक सर्वेंट्स (फर्नीशिंग ऑफ इनफॉरमेशन एंड एनुअल रिटर्न ऑफ एसेट्स एंड लाइबलिटीज एंड द लिमिट्स फॉर एकजम्पशन ऑफ एसेट्स इन फाइलिंग रिटर्न्स) रूल्स, 2014 अधिसूचित कर 31 मार्च को या 31 जुलाई से पहले तक अपनी संपत्तियों और देनदारियों का ब्योरा दाखिल करने कहा गया है।
यह घोषणा सरकारी कर्मचारियों की ओर से सरकारी सेवा तहत ली जाने वाली अन्य जानकारी के अलावा होगी। हालांकि अगर किसी अफसर का चार महीने का मूल वेतन दो लाख रुपये से ज्यादा नहीं होगा तो सक्षम प्राधिकार उसे जानकारी देने से छूट दे सकता है।