टिकट लेने में देरी हुई तो ट्रेन करेगी आपका इंतजार
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टिकट काउंटर पर बहुत भीड़ हो और कुछ ही देर में ट्रेन जाने वाली हो तो अब फिकर करने की कोई जरूरत नहीं है। रेलवे अपने नए नियमों के हिसाब से यदि अनारक्षित टिकटों को खरीदने के लिए काउंटर पर बहुत भीड़ होगी तो ट्रेन कुछ देर इंतजार करेगी।
दरअसल रेलवे आमदनी बढ़ाने के लिए कुछ नए उपाय कर रहा है। इसी के तहत रेलवे यात्रियों को रियायत दे सकती है जिसमें अनारक्षित टिकट पर यात्रा करने वालों की सहूलियत को रेलवे ध्यान में रखेगी।
खिड़कियों पर ज्यादा भीड़ होने की स्थिति में गाड़ियों की रवानगी में देरी करना भी शामिल है।
रेलवे बोर्ड के अनुसार किसी भी यात्री को टिकट लेने के लिए कतार में दस मिनट से अधिक खड़ा नहीं होना चाहिए। अगर किसी यात्री को इससे ज्यादा समय खड़ा रहना पड़ता है तो इसे नियंत्रित करने की जरूरत है।
(रेलवे से एक मार्च से और भी कई नए नियम लागू किए हैं, डालिए उन पर एक नजर..)
नहीं मिलेगा रिफंड
नए नियम के तहत अगर आपकी ट्रेन छूट गई तो टिकट का कोई रिफंड नहीं मिलेगा। वर्तमान में दो घंटे बाद तक भी कन्फर्म टिकट पर किराए का 50% रिफंड मिलता है। यह नियम ई-टिकट या काउंटर टिकटों पर लागू होगा।
इसके अलावा नई पॉलिसी के अनुसार, पीआरएस काउंटर से टिकट खरीदने वाले यात्री चार्ट तैयार होने के बाद कंफर्म या आरएसी टिकट रद्द नहीं करा सकेंगे।
यही नहीं यदि कोई ग्रुप में रेल टिकट लेकर यात्रा कर रहा है तो ग्रुप में गैरहाजिर यात्री का टिकट भी कैंसिल नहीं होगा और न ही किराया वापस मिलेगा।
पहले ग्रुप टिकट खरीदने पर कुछ यात्रियों के न रहने पर टीटी की रिपोर्ट पर किराया वापस कर दिया जाता था, लेकिन अब बोर्ड ने फैसला लिया है कि ऐसे मामलों में टिकट कैंसल नहीं किया जाएगा और न ही कोई किराया वापस होगा।
सिर्फ ऐसी स्थितियों में ही मिलेगा रिफंड
रेलवे बोर्ड को शिकायत मिली थी कि कई इलाकों में टीटीई से मिलकर कुछ लोग यात्रा पूरी होने के बाद भी टिकट का रिफंड हासिल कर लेते थे। बताया जाता है कि इस तरह के कई मामलों के सामने आने के बाद रेलवे ने इसे रोकने के लिए यह सुविधा ही समाप्त करने का फैसला लिया है।
रेलवे टिकट के पैसे की वापसी केवल ट्रेन के निरस्त होने, ट्रेन के विलंब होने, मार्ग परिविर्तत किए जाने, एसी कोच खराब होने, एसी कोच नहीं लगने पर और यात्री के स्लीपर या जनरल कोच में जाने की दशा में ही हो सकेगी।
यानी ऐसी स्थितियों में यात्री को टिकट कैंसिल कराने का अधिकार पूर्व की भांति बरकरार रहेगा।
अंतरिम रेल बजट के बाद रेलवे बोर्ड द्वारा जारी कॉमिर्शयल सर्कुलर-6 की रिफंड पॉलिसी के अनुसार, यह नियम एक मार्च से लागू हो जाएगा। रेलवे बोर्ड के अधिकारियों की ओर से सभी जोनल महाप्रबंधकों को इस आशय का पत्र भेजा जा चुका है।
अच्छी खबर भी
इसी के साथ रेलयात्रियों के लिए एक अच्छी खबर भी है। 1 मार्च से उन रेलयात्रियों को एक नई सुविधा मिल रही है, जिनके टिकट वेटिंग लिस्ट में हैं। वेटिंग लिस्ट वाले रेलयात्रियों को उनके टिकट की मौजूदा स्थिति एसएमएस के जरिए मिल रही है।
यदि यात्रा से पहले वेटिंग लिस्ट वाले मुसाफिरों का टिकट पक्का हो जाता है तो इसकी भी सूचना अब उन्हें एमएमएस के जरिए अपने आप मिल रही है।
पहले रेलयात्रियों को 139 या इंटरनेट का प्रयोग कर अपनी वेटिंग लिस्ट टिकट की स्थिति की जानकारी हासिल हो पाती थी। कई रेलयात्रियों को तो स्टेशन पहुंचने के बाद ही टिकट की स्थिति का पता चल पाती थी।
अब एसएमएस आधारित सेवा चालू होते ही यात्रियों को अपने आप उनकी टिकट की स्थिति की सूचना मिल रही है। जिन यात्रियों का टिकट कनफर्म हो गया होगा, उन्हीं यात्रियों के पास यह एसएमएस जा रहा है।