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गरीब रथ में बिस्तर चाहिए तो अब पहले ही बताना होगा

Wed, 24 Oct 2012 10:07 PM IST
नई दिल्ली/बृजेश सिंह
नई दिल्ली/बृजेश सिंह Updated Wed, 24 Oct 2012 10:07 PM IST
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If the bed will required in garib rath tell earlier
पूर्व रेल मंत्री लालू यादव द्वारा शुरू की गई गरीब रथ ट्रेनों में यात्रियों को ऑन डिमांड 25 रुपये में बिस्तर देने की व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत अब यात्रियों को टिकट खरीदते समय ही यह बताना होगा कि उन्हें ट्रेन में बिछाने व ओढ़ने के लिए चद्दर, कंबल चाहिए। यही नहीं टिकट के मूल्य के साथ ही बिछौने का किराया भी एडवांस में अदा करना पड़ेगा। योजना अभी छह माह के लिए होगी, इसके बाद आकलन कर आगे के बारे में फैसला लिया जाएगा।
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रेलवे बोर्ड में निदेशक पैसेंजर मार्केंटिग डा. मोनिका अग्निहोत्री द्वारा जारी सर्कुलर में सभी जोनल रेलवे व अन्य अफसर को इस बारे में तत्काल उचित कदम उठाने को कहा गया है। रेलवे ने नई व्यवस्था के बारे में तर्क दिया है कि यात्रियों से लगातार शिकायतें मिल रहीं थी कि गरीब रथ में स्टाफ अक्सर इस्तेमाल की हुई चद्दरें व बिस्तर दोबारा बिना धुले दूसरे यात्रियों को दे रहा है। यही नहीं यात्रियों से बिस्तर के किराए के रूप में ज्यादा पैसा लिए जाने तथा रसीद भी न देने की शिकायतें भी मिलती रही हैं।
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सर्कुलर में कहा गया है कि इस तरह संबंधित स्टाफ न केवल यात्रियों को परेशान करते हैं बल्कि इससे रेलवे को भी आर्थिक नुकसान हो रहा है। इसी के मद्देनजर यह फैसला लिया गया है कि टिकट की बुकिंग के समय यात्रियों को बिस्तर के बारे में भी बताना होगा। इसके लिए टिकट के साथ ही किराए का भी भुगतान करना होगा। यह सुविधा ऑनलाइन टिकट बुक करते समय भी उपलब्ध होगी।
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प्रत्येक गरीब रथ ट्रेन में कुछ अतिरिक्त बिस्तर भी उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि तत्काल योजना के तहत टिकट खरीदने वालों को जरूरत पड़ने पर बिस्तर दिया जा सके। गरीब रथ से पहले दूरंतों ट्रेनों में यह व्यवस्था सफलतापूर्वक चलाई जा रही है। सेंट्रल रेलवे इंफार्मेशन सिस्टम (सीआरआईएस) को इसके लिए सॉफ्टवेयर में जरूरी बदलाव करने को कहा गया है।
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