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पति असमर्थ तो परिजनों को देना होगा पत्नी को गुजारा भत्ता

Wed, 07 Jan 2015 01:26 PM IST
Updated Wed, 07 Jan 2015 01:26 PM IST
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If husband is not able then family will give subsistence allowance to her wife

संयुक्त परिवार में अगर कोई व्यक्ति पत्नी और बच्चों का भरण-पोषण करने में असमर्थ है तो परिवार के दूसरे सदस्यों को उसकी पत्नी को गुजारा भत्ता देना होगा। महिलाओं के अधिकारों के संरक्षण के मद्देनजर विधि आयोग ने यह सिफारिश की है।

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आयोग ने हिंदू अडॉप्टेशन एंड मेंटेनेंस एक्ट, 1956 की धारा-18 में संशोधन कर इसमें एक और धारा जोड़ने की सिफारिश की है। आयोग ने कहा कि शारीरिक अक्षमता, मानसिक रूप से बीमार, गुम हो जाने या सांसारिक मोह माया से दूर जाने वाला व्यक्ति यदि संयुक्त परिवार का हिस्सा है तो उसकी पत्नी परिवार के अन्य सदस्यों से गुजारा भत्ते का दावा कर सकती हैं।
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हालांकि पत्नी उस स्थिति में इसका दावा नहीं कर सकती अगर पति को संयुक्त परिवार की संपत्ति का हिस्सा मिल चुका हो। कानून मंत्रालय को सौंपी अपनी सिफारिश में विधि आयोग ने कहा है कि उस महिला के अधिकार की रक्षा जरूरी है जिसका पति भरण पोषण करने में असमर्थ है।
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आयोग ने कानून मंत्रालय को सौंपी 252 पेज की रिपोर्ट

If husband is not able then family will give subsistence allowance to her wife

आयोग ने 252वीं रिपोर्ट में कहा है कि फिलहाल महिला के पास उपाय यह होता है या तो वह बंटवारे की याचिका दाखिल करें या तलाक की याचिका दाखिल कर गुजारा भत्ते के लिए दावा करें। दोनों ही स्थिति का परिणाम हमारे देश में लंबे वक्त बाद सामने आता है।

गत वर्ष पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने अवतार सिंह बनाम जसबीर सिंह मामले को लेकर इस मुद्दे को आयोग के पास भेजा था। इस मामले में मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति की पत्नी ने भरण पोषण के लिए ससुर से संपत्ति के एक चौथाई हिस्से का दावा किया था। ग्राम पंचायत की ओर महिला को संपत्ति का एक चौथाई हिस्सा मिल गया लेकिन बाद में ससुर और परिवार के दूसरे सदस्यों ने महिला से जमीन हड़प ली थी।

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