ईदी फाउंडेशन ने ठुकराए मोदी के 1 करोड़, आखिर क्यों
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पाकिस्तान के धर्मार्थ फाउंडेशन ईदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित एक करोड़ रुपये का दान लेने से इनकार कर दिया है। पाकिस्तान में भारत की मूक-बधिर लड़की गीता का एक दशक से भी अधिक समय तक ख्याल रखने के लिए प्रधानमंत्री ने एक करोड़ रुपये का दान ईदी फाउंडेशन को देने की घोषणा की थी।
जाने-माने लोकोपकारी अब्दुल सत्तार ईदी, जो ईदी फाउंडेशन के संस्थापक और प्रमुख हैं, ने प्रधानमंत्री मोदी को इस दान की घोषणा के लिए धन्यवाद दिया लेकिन अपने धर्मार्थ कार्य के लिए इसे स्वीकार करने से मना कर दिया।
वित्तीय मदद स्वीकार करने से किया इनकार
एक पाकिस्तानी अखबार के मुताबिक, अब्दुल सत्तार ईदी ने मोदी को धन्यवाद दिया और विनम्रता से वित्तीय मदद स्वीकार करने से इनकार कर दिया है।
प्यार और स्नेह से गीता का ख्याल रखने के लिए सोमवार को प्रधानमंत्री ने अब्दुल सत्तार ईदी की पत्नी बिलकिश बानो की सराहना की और घोषणा की कि भारत ईदी फाउंडेशन को उसके नेक कामों के लिए एक करोड़ रुपये की राशि से सहायता करेगा।