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सफेद के अलावा इन रंगों में दिखेंगी एंबुलेंस
नई दिल्ली/अजीत सिंह
Updated Thu, 09 May 2013 01:53 AM IST
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जल्द ही सफेद रंग के साथ-साथ पीला और लाल रंग एंबुलेंस की पहचान बन जाएगा।
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मेडिकल और ऑटोमोबाइल क्षेत्र के विशेषज्ञों के साथ मिलकर सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने नेशनल एंबुलेंस कोड का ड्राफ्ट तैयार किया है, जिसमें मोटर बाइक को एंबुलेंस बनाने का रास्ता साफ हो गया है। मंत्रालय ने कुल चार प्रकार की एंबुलेंस के मानक तैयार किए हैं।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय में संयुक्त सचिव (परिवहन) संजय बंद्योपाध्याय ने बताया कि एंबुलेंस कोड तैयार करने का काम तकरीबन पूरा हो चुका है और अब जल्द ही इसे लागू कर दिया जाएगा।
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नेशनल एंबुलेंस कोड तैयार करने के लिए मंत्रालय ने एम्स के विभागाध्यक्ष डॉ. एसके गुप्ता की अध्यक्षता में एक समिति गठित की थी। समिति ने ऑटो मोबाइल इंडस्ट्री और सड़क सुरक्षा से जुड़े विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श के बाद नेशनल एंबुलेंस कोड का ड्राफ्ट जारी किया है।
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समिति ने सुविधाओं के आधार पर चार तरह की रोड एंबुलेंस के मानक तय किए हैं। इनमें फर्स्ट मेडिकल रेस्पोंडेंट (बाइक) से लेकर एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस शामिल हैं।
एंबुलेंस के आकार-प्रकार से लेकर उपलब्ध आपात सुविधाओं और मेडिकल उपकरणों के बारे में विस्तृत दिशा-निर्देश तैयार किए गए हैं।
ड्राफ्ट कोड में एंबुलेंस की पहचान, रंग और सायरन पर भी खासा ध्यान दिया गया है। एंबुलेंस पर सबसे ज्यादा ब्रिलियंट ह्वाइट (सफेद) रंग होगा, लेकिन फ्रंट और साइड पर सल्फर येलो (पीले) और ब्रिलियंट रेड (लाल) रंग की पट्टियां रहेंगी।
मिरर इमेज (शीशे में सीधा पढ़ने के लिए) के लिए एंबुलेंस शब्द को पीले बैकग्राउंड में लिखा जाएगा। एंबुलेंस के तौर पर काम करने वाली बाइक पर एंबुलेंस के बजाय सिर्फ फर्स्ट रेस्पोंडर लिखा होगा।
आसानी से नहीं मिलेगा एंबुलेंस का दर्जा
अब मरीज को ले जाने वाले किसी भी वाहन को एंबुलेंस का दर्जा मिलना आसान नहीं होगा। एंबुलेंस कोड में वाहन के डिजाइन, स्पेस और जरूरी सुविधाओं पर खास जोर दिया गया है। वाहन की सड़क से ऊंचाई, छत की ऊंचाई और एंबुलेंस के साथ रहने वाले नर्सिंग स्टाफ के लिए भी कड़े मानक बने हैं।
दिन में लाल और रात में नीली बत्ती
नए कोड के अनुसार, एंबुलेंस पर पहचान के लिए लाल और नीली दोनों तरह की बत्तियां लगेंगी। रात के वक्त नीली और दिन में लाल बत्ती जलानी होगी।