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महाबोधि ब्लास्टः अलर्ट के बावजूद क्यों हुई चूक?
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Sun, 07 Jul 2013 01:56 PM IST
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बिहार पुलिस को करीब 15 दिन पहले खुफिया जानकारी मिली थी कि आतंकी पटना समेत राज्य के कुछ संवेदनशील इलाकों को निशाना बना सकते हैं।
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इसके बावजूद महाबोधि मंदिर में हुए धमाकों ने राज्य पुलिस की सतर्कता की पोल खोल दी है।
पटना पुलिस को कुछ दिन पहले ऐसी खुफिया जानकारियां मिलीं थीं कि पटना और राज्य के दूसरे इलाकों में कुछ विदेशी आतंकी हमला कर सकते हैं।
आठ धमाकों से थर्राया बोधगया का महाबोधि मंदिर
ये विदेशी आतंकी कुछ संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों को निशाना बना सकते हैं। इस तरह की सूचना के बाद पुलिस ने राज्य को हाई अलर्ट कर दिया था।
तस्वीरों में देखिए बोधगया का महाबोधि मंदिर
इस अलर्ट के बाद पटना पुलिस ने पांच टीमों का गठन भी किया था। साथ ही पुलिस ने ऐसी किसी स्थिति से निपटने के लिए मॉक ड्रिल भी किया था।
धमाकों के बाद नीतीश पर विपक्ष का हमला
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इस बारे में पटना के एसएसपी मनु महाराज ने बताया था कि उन्हें सुरक्षा से संबंधित तमाम सूचनाएं लगातार मिलती रहती हैं।
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उनका कहना था कि इस तरह की सूचनाओं के बाद अब हम किसी तरह का जोखिम नहीं उठाना चाहते हैं इसलिए हमने मॉक ड्रिल भी शुरू कर दी है।
महाबोधि मंदिर पर हमले का भटकल कनेक्शन
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा था कि इस तरह की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने सभी एहतियाती कदम उठाए हैं और राज्य की सभी एजेंसियों के साथ इस बारे में समन्वय स्थापित किया गया है।
पुलिस ने पटना सिटी के बहुत सारे स्थान और मंदिरों की पहचान की थी जिन स्थानों को आतंकी निशाना बना सकते हैं।
इस बारे में स्थानीय लोगों को अलर्ट किया गया और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति और सामान के बारे में तुरंत सूचना देने के लिए कहा था।
सवाल ये उठता है कि जब जरूरी इनपुट थे उसके बाद भी पुलिस ने राज्य के इस तरह के संवेदनशील इलाकों की सुरक्षा पर पर्याप्त ध्यान क्यो नहीं दिया।