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IAS: छात्र आज क्यों मिलेंगे राहुल गांधी से?

Wed, 20 Nov 2013 08:45 AM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Wed, 20 Nov 2013 08:45 AM IST
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देश भर में भारतीय प्रशासनिक सेवा(आईएएस) परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्र अपनी दिक्कतों को लेकर बुधवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मिलेंगे।

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आईएएस की परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों के एक समूह ने अपनी दिक्कतों से राहुल गांधी को रूबरू कराने का फैसला किया है। इसलिए बुधवार को सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्र राहुल गांधी से मिलेंगे।

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इससे पूर्व छात्र दो बार कार्मिक मंत्री नारायण सामी को दिल्ली में और जतिन प्रसाद को इलाहाबाद में ज्ञापन दे चुके हैं। साथ ही दो बार संघ लोक सेवा आयोग(यूपीएससी) के अधिकारियों से मिलकर उन्हें भी ज्ञापन दे चुके हैं। क्षेत्रीय स्तर पर भी छात्र पटना, इलाहाबाद, जयपुर, हैदराबाद, चेन्नई देश के अन्य भागों में भी प्रदर्शन कर चुके है।

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छात्रों के प्रतिनिधि के मुताबिक हम लोगों का मुद्दा संसद के दोनों सदनों लोक सभा और राज्य सभा में मानसून सत्र में उठाया गया था। साथ ही 80 संसद सदस्यों का समर्थन हमारे साथ है। लेकिन कोई परिणाम नहीं निकला।


इस अभियान के संयोजक दुर्गेश त्रिपाठी ने बताया कि हम लोग अपनी बात को रखने जा रहे हैं जिससे हमारी मांगो पर गौर किया जाए


दुर्गेश ने बताया कि हम लोगों ने फेसबुक पर यूपीएससी कलेक्टिव फाइट फॉर और लीगल राईट नाम से एक अभियान भी शुरू किया है अभी तक इस अभियान से करीब 8000 लोग जुड़ चुके हैं


गौरतलब है कि वर्ष 2011-2013 के दौरान यूपीएसी के पाठ्यक्रम में किए गए व्यापक बदलाव से काफी छात्र प्रभावित हुए हैं। छात्र बदलाव के पक्ष में है लेकिन उनकी मांग है कि उन्हें समावेशित होने के लिए अतिरिक्त प्रयास और समय दिया जाना चाहिए।


वर्ष 1979 में भी जब यूपीएसी ने अपने पाठ्यक्रम में बदलाव किया था तो छात्रों को आयु में 3 वर्ष की छूट और 3 अतिरिक्त प्रयास दिए गए थे। वर्तमान में किया गया बदलाव 1979 की तुलना में ज्यादा व्यापक है।


छात्रों ने मांग की है कि वर्ष 2011-13 के दौरान आईएएस के पाठ्यक्रम में हुए बदलाव के कारण प्रभावित छात्रों को 1979 के तर्ज पर आयु में 3 वर्ष की छूट और अतिरिक्त प्रयास का मौका दिया जाए।


साथ ही बदलाव के बाद प्रारंभिक परीक्षा के द्वितीय प्रश्न पत्र में आप्शनल के स्थान पर नया विषय सीसैट में जोड़ा गया है, जिसमें, गणित, रिजनिंग, अंग्रेजी कम्परीहेंसन शामिल है। छात्र सीसैट विषय के भारांक (केवल 80 प्रश्नों के लिए 200 अंक के स्थान पर 100 अंक को) कम करने की मांग कर रहें हैं।


छात्रों के मुताबिक जबकि प्रारंभिक परीक्षा के प्रथम प्रश्न पत्र जिसका क्षेत्र काफी व्यापक है। जिसमें इतिहास, भूगोल, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्रा, सामान्य विज्ञान, समसाम्यिकी आदि विषय से पूछे प्रश्न जाते हैं। इस प्रश्न पत्र के 100 प्रश्न के लिए केवल 200 अंक ही निर्धारित किए गए हैं।

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