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IAS की तैयारियों में लगे छात्रों ने संसद को घेरा

Tue, 10 Dec 2013 12:14 AM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Tue, 10 Dec 2013 12:14 AM IST
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IAS students engaged in preparations for the siege to Parliament

आईएएस की तैयारी कर रहे छात्रों अपनी मांगों के पूरा न होने के चलते सोमवार को संसद का घेराव किया।

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सैकड़ो की संख्या में मौजूद छात्रों ने अपनी मांगों को पूरा करने के लिए अपनी बात को जोरदार तरीके से रखा। इस दौरान छात्रों को तितर बितर करने के लिए पुलिस ने लाठी चार्ज किया और छात्रों को गिरफ्तार भी किया।
 
अस्तित्व बचाव आंदोलन के प्रवक्ता अतहर इमाम ने बताया कि 9 दिसम्बर को आईएएस की परीक्षा की तैयारी करने वाले हम सभी छात्र ‘अस्तित्व बचाव’ आंदोलन के तहत अब सीधे संसद गए। हम छात्रों का मानना है कि पिछले 5 महीनों से चल रहे आंदोलन के बाद भी सरकार और यूपीएससी ने अब तक कोई ठोस फैसला नहीं लिया है और हमारे मामलों को टाल रही है।
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पिछले 5 महीनों के दौरान छात्र अपनी मांगों को लेकर देश के लगभग सभी बड़े नेताओं से मिल चुके आ 21 नवम्बर को हमारे प्रतिनिधि मंडल की मुलाकात केंद्रीय कार्मिक मंत्री नारायण सामी से भी हुई। करीब एक घंटे तक चली बात चीत के दौरान हम ने अपनी मांगों को उनके समक्ष रखा, मंत्री ने हमारी बातों को सुना लेकिन मामले को टालते नज़र आए। अब हम अपनी मांगो को लेकर सीधे संसद जा रहे हैं।
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चूंकि संसद का सत्र अभी चल रहा है और कई सांसदों का समर्थन भी हमें प्राप्त है इसलिए भी वहीं जाना उचित है। हमें आशा है कि कोई ठोस निर्णय निकल कर सामने ज़रूर आएगा और फैसला हमारे पक्ष में होगा। विदित हो कि यूपीएससी के पैर्टन में हुए व्यापक बदलाव से प्रभावित हम सभी छात्र अपनी मांगो को लेकर लगातार संर्घष कर रहे हैं।

इस मामले में करीब 80 सांसदों का लिखित समर्थन भी हमें प्राप्त है जिसे हम कार्मिक मंत्रालय को सौंप चुके हैं। सारे देश के छात्रों की तरफ प्रधांमंत्री को भेजे गए करीब 10,000 पत्रों को भी हम ने प्रधान मंत्री कार्यालय को भेजा हैं। हम लोग इस संर्घष से संबंधित फेसबुक पर एक पेज यूपीएससी फाइट फार आवर लीगल राईट भी बना चुके हैं जिसे करीब 10,000 छात्र फालो कर रहे हैं।

प्रवक्ता अतहर इमाम ने बताया कि हमने बताया कि हमने 2011-13 के दौरान यूपीएससी के पैर्टन में हुए व्यापक बदलाव के कारण प्रभावित छात्रों को 1979 के तर्ज पर तीन अतिरिक्त प्रयास (attempt) और आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट दी जाए।


साथ ही बदलाव के बाद प्रारंभिक परीक्षा के दूसरे प्रश्न पत्र में आप्शनल के स्थान पर CSAT जोड़ा गया है जिसमें, गणित, रिजनिंग,अंग्रेजी काम्परीहेंसन आदि शामिल है। इस CSAT विषय के भारांक को  कम किया जाए या क्वालिफाइंग बनाया जाए। को अपनी मांग में शामिल किया है।

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