फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   ias officer sent jail to gardener for disturbing during yoga

घास काटने से 'मैडम' का योग भंग, माली को भेजा जेल

Tue, 02 Jun 2015 07:54 AM IST
Updated Tue, 02 Jun 2015 07:54 AM IST
विज्ञापन
ias officer sent jail to gardener for disturbing during yoga

शांति भंग की आशंका में जीडीए के जिस माली विश्वनाथ यादव को पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार करके जेल भेजा था, बुधवार की शाम उसे जमानत मिल गई।

विज्ञापन


विश्वनाथ का कसूर यह था कि वह पंत पार्क में घास काटने की मशीन से काम कर रहा था और मशीन की आवाज़ से पार्क में योग कर रही प्रशासन की महिला एसडीएम नेहा प्रकाश का ध्यान भंग हो रहा था।
विज्ञापन


जेल से लौटे विश्वनाथ को अब भी यह समझ में नहीं आ रहा है कि अपना काम करना इतना बड़ा गुनाह कैसे हो गया। कल की घटना से वह बेहद आहत और अपमानित महसूस कर रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

'मैडम जितनी दूर हैं, वहां मशीन का शोर नहीं पहुंचेगा'

ias officer sent jail to gardener for disturbing during yoga

मंगलवार की घटना के बारे में बात करने पर वह फफक पड़े। उनका एक ही सवाल है कि अगर हाकिम लोग ही ऐसा करेंगे तो छोटे कर्मचारी काम कैसे कर पाएंगे। बताया कि सुबह मैडम ने उनसे कहा था कि उन्हें धूल से एलर्जी है तो उन्होंने मशीन बंद कर दी थी।

वह भी काफी दूरी पर जाकर बैठ गईं। बाद में वह यह मानकर फिर से काम में जुट गए कि मैडम जितनी दूरी पर हैं, वहां धूल या मशीन का शोर नहीं पहुंचेगा मगर वह फिर आकर डांटने लगीं और उनके कुछ बताने से पहले चली गईं।

दोपहर को यूनिवर्सिटी चौकी की पुलिस घर आकर उन्हें कैंट थाने ले गई। दिन भर बैठाए रखने के बाद जेल भेज दिया गया। माफी मांगने या गिड़गिड़ाने का भी किसी पर कोई असर नहीं हुआ।

हम जानी नाहीं पइली, पुलिस उन्हें काहे ले गइल: उषा

ias officer sent jail to gardener for disturbing during yoga

बकौल विश्वनाथ, उनके खानदान में कोई कभी पुलिस चौकी तक नहीं गया और बेकसूर होने पर भी उन्हें जेल का मुंह देखना पड़ा। यह जिल्लत और जख्म वह जिंदगी भर नहीं भूल सकते।

भर्राती आवाज़ में बोले, ‘छोटा बेटा बनारस में था। बड़ा बेटा परेशान था। मैं और मेरी पत्नी दोनों गिड़गिड़ा रहे थे पर किसी को हम पर तरस नहीं आया। जो बेइज्जती हुई, उसे मिटाया तो नहीं जा सकता मगर न्याय की खातिर जो जरूरी हो, होना चाहिए।’

विश्वनाथ की पत्नी उषा ने बताया कि पार्क में ही बने घर में वह रोजमर्रा के काम निपटा रही थीं। उनके पति पार्क के गेट के पास मशीन से घाट काट रहे थे। काम निपटाकर पति जब घर लौटे तो उनसे बाहर भीड़ जुटने के बारे में पूछा भी मगर उन्होंने ज्यादा कुछ बताया नहीं। थोड़ी ही देर में पुलिस वाले आ गए और उन्हें थाने ले गए। ‘हम जानी नाहीं पइलीं, पुलिस उन्हें काहे ले गइल।’ शाम को बड़े बेटे आशुतोष से यह माजरा पता चला।

घबराहट और बेचैनी में वह रात भर वह सो नहीं पाईं। बेटे के जेल जाने की खबर पाकर महराजगंज के सिसवां बाजार में रहने वाले विश्वनाथ के पिता लक्ष्मी यादव और दादी भुखला देवी भी घबरा गई। पूरी रात जागकर काटी और सुबह होते ही गोरखपुर के लिए निकल पड़े।

विश्वनाथ की जमानत आखिर किसने कराई?

ias officer sent jail to gardener for disturbing during yoga

विश्वनाथ को जमानत तो मिल गई लेकिन उसे यह जानकारी नहीं कि उसकी जमानत किसने ली। संवाददाताओं से बातचीत में उसने में बताया कि उसके घर, रिश्तेदार या जानने वालों में किसी ने उसकी जमानत नहीं ली। बकौल सिटी मजिस्ट्रेट सतीश पाल, एक लाख रुपये की संपत्ति के कागज जमा करने पर उसे जमानत दी गई। बताया कि जमानत की अर्जी उसी के महकमे के साथी ने दी थी।  

शासन ने मुकदमा रद्द करने को कहा
सिर्फ घास काटने पर विश्वनाथ को जेल भेजने का मामला शासन तक पहुंच गया है। सूत्रों के मुताबिक शासन ने भी इस मामले में कड़ा रुख अख्तियार किया है। मुकदमा तत्काल निरस्त करने के साथ ही इस मामले की रिपोर्ट भी मांगी गई है। हालांकि प्रशासनिक अफसर कल से ही इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं। इस मसले पर डीएम से बात करने की कोशिश की गई लेकिन उनका फोन नहीं उठा।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed