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वायुसेना को आपातकाल में लड़ाकू विमान उतारने के लिए चाहिए हाइवे

Fri, 27 Nov 2015 06:03 AM IST
Updated Fri, 27 Nov 2015 06:03 AM IST
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IAF wants highways that can be adapted for use as 'landing strips' in an emergency

भारतीय वायुसेना ने आपातकाल के दौरान देश में मौजूद राष्ट्रीय राजमार्गों का इस्तेमाल 'हवाई पट्टी' के रूप में करने का फैसला किया है। इसके लिए उसने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) से संबंधित राजमार्गों की सूचना साझा की है।

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वायुसेना ने अपने नए रणनीति के तहत इन राजमार्गों के प्रयोग का फैसला किया है। इसके लिए राजमार्ग प्राधिकरण से मौजूदा सड़कों को उन्नत किस्म का और अगर जरूरत हो तो नई सड़को का निर्माण करने की बात कही है। सेना इसके लिए एक सूची भी साझा की है जिससे कि प्राधिकरण को यह पता चल सके की सेना को किन-किन राज्यों में ऐसे हवाई पट्टियों की आवश्यकता है।
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सूत्रों के मुताबिक सूची में जिन राज्यों के राजमार्गों का नाम सम्मिलित किया गया है उनमें राजस्थान, गुजरात और पंजाब जैसे राज्य शामिल है। ये राज्य सेना की प्राथमिकता सूची में भी शामिल हैं। सेना ने प्राधिकरण को यह भी बताया है कि उसे ऐसी सड़के चाहिए जिसका लैंडिंग के अलावा उड़ान भरने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सके।

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हाल ही में हुई थी मिराज-2000 की लैंडिंग

IAF wants highways that can be adapted for use as 'landing strips' in an emergency

गौरतलब है कि वायुसेना ने हाल ही में उत्तर प्रदेश में स्थित यमुना एक्सप्रेस वे पर मिराज-2000 विमान को सफलतापूर्वक उतारा था। इसके बाद सेना ने प्राधिकरण को बताया था उसे किस तरह की सड़कों की आवश्यकता है।

सेना के मुताबिक युद्ध जैसी स्थिति पैदा होने पर सेना के पास मौजूद हवाई पट्टियों के क्षतिग्रस्त हो जाने के बाद इन राजमार्गों का इस्तेमाल किया जा सकता है। सेना ने प्राधिकरण से यह भी कहा कि पायलटों की ट्रेनिंग के लिए भी इन पट्टियों का इस्तेमाल किया जाएगा इसलिए अगले 5 से 10 साल तक जिन राजमार्गों का निर्माण किया जाना है उसके आंकड़े सेना से भी साझा किया जाए।

प्राधिकरण भी अब जल्द ही राजमार्गों पर ऐसे हवाई पट्टियों के निर्माण के बारे में जल्द ही कोई फैसला करेगा और इस पर जल्द काम शुरू हो जाएगा।

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