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अब चीन-पाक से एक साथ निपटने में सक्षम वायुसेना
नई दिल्ली/एजेंसी
Updated Mon, 15 Apr 2013 06:47 PM IST
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पड़ोसी चीन और पाकिस्तान के खतरे का बखूबी सामना करने के लिए भारतीय वायुसेना ने अपने आपको और अच्छे ढंग से तैयार किया है।
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वायुसेना ने अपनी लड़ाई क्षमता को आधुनिक कलेवर दिया है, जिसके बाद इन दोनों देशों की तरफ से होने वाले किसी भी तरह के आक्रमण का जोरदार जवाब दिया जा सकेगा।
वायुसेना सूत्रों ने सोमवार को कहा कि हाल ही में तीन सप्ताह तक चलने वाले वार गेम्स से संबंधित लाइववायर सैन्य अभ्यास में 400 से अधिक लड़ाकू विमानों ने अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर पहली बार वायुसेना की आधुनिक और घातक क्षमता का सफलतापूर्वक परीक्षण किया।
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18 मार्च से हुए इस सैन्य अभ्यास परीक्षण से जाहिर होता है कि देश की वायुसेना अब पूर्व और पश्चिम की तरफ से होने वाले आक्रमण का पूरी मुस्तैदी से जवाब दे सकेगी। अभ्यास में वायुसेना ने मुस्तैदी से अपने मुख्य लड़ाकू और मालवाहक जहाजों को पाकिस्तान से लगती सीमा से पूर्व में तैनात कर अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया।
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आधुनिकीकरण के तहत उत्तरपूर्व में हाल ही में आठ एडवांस्ड लैंडिंग ग्राउंड्स (एएलजी) का निर्माण भी कराया गया है। अभ्यास में एसयू-30 एमकेआई, मिराज 2000, जगुआर्स, मिग 29, मिग 27 और मिग 21 जैसे विमानों ने भाग लिया।
सूत्रों के अनुसार वायुसेना ने पश्चिम में जरूरत के मुताबिक विमानों की व्यवस्था के साथ पूर्वी भाग में अपने अधिकांश विमानों को तैनात कर रखा है। यहां हवा में ही विमान में ईंधन भरने वाले आधुनिक विमान भी रखे गए हैं। उत्तरपूर्व में एलांग, वलांग, टूटिंग, जीरो, पासीघाट, विजय नगर और तमांग हवाई क्षेत्रों में एएलजी कार्य करने लगे हैं। यहां सभी प्रकार के विमान किसी भी तरह के खतरे से निपटने के लिए तैयार हैं।