'मेरी बेटी के साथ निर्भया जैसा होता तो दोषी को गोली मार देता'
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तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओब्रायन ने जुवेनाइल विधेयक का समर्थन करते हुए राज्यसभा में कहा कि ईश्वर न करे कि निर्भया जैसा कुछ हो, लेकिन ऐसा मेरी बेटी के साथ हुआ होता तो वह बंदूक उठाते और दोषी को गोली मार देते।
वह इस मामले में किसी बेहतरीन वकील को हायर नहीं करने जाते। उन्होंने कहा कि वह यह पूरी जिम्मेदारी के साथ कह रहे हैं। वह ऐसा कहने को लेकर मजबूर हैं।
ओब्रायन ने कहा कि वह संसद से कहना चाहते हैं कि वह इस विधेयक को पास करे। पूरी जनता यह चाहती है। हमें एक आदर्श विधेयक का इंतजार नहीं करना चाहिए। यह एक अच्छा बिल है।
समाज में जागरूकता की जरूरत
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने राज्यसभा में विधेयक पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि इस मुद्दे पर सदन की राय एक होनी चाहिए, जिससे जनता को लगे कि उनके लिए कुछ किया गया।
हमें विचार क्रांति की जरूरत है। जनता की मानसिकता को खोलने की जरूरत है। हमें अपनी जिम्मेदारी समझने की जरूरत है। समाज में जागरूकता की आवश्यकता है। सदन को भावनाओं से हटकर एक बार सोचना चाहिए कि क्या केवल कानून बदलकर कुछ किया जा सकता है।
विधेयक सेलेक्ट कमेटी भेजने की मांग
राज्यसभा की सदस्य अनु आगा और माकपा सांसद वृंदा करात ने इस विधेयक को जल्दबाजी में पास करने के बजाय इसे सेलेक्ट कमेटी के पास भेजने की मांग की।
अनु आगा ने कहा कि ऐसी हरकतों को रोकने के लिए मानवीय रास्ता अपनाने की जरूरत है। अपराधियों की उम्र घटाना समाधान नहीं है। हमें बिना सोचे समझें प्रतिक्रिया नहीं देनी चाहिए।
बल्कि इस विधेयक को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजना चाहिए। माकपा सांसद वृंदा करात ने कहा कि एक वयस्क की तरह 16 के किशोर के साथ व्यवहार करना पूरी तरह से गलत है। हम इसका विरोध करते हैं। राज्यसभा को विधेयक को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजना चाहिए।
कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने भी इसे सेलेक्ट कमेटी के पास भेजने की मांग की। उन्होंने कहा कि जेजे बिल को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजा जाए। ज्यादा जल्दबाजी में इस बिल को पास न किया जाए।
अन्य लोगों ने ये कहा
बच्चों को पोर्न बहुत ही आसानी से उपलब्ध है, जिससे उनका दिमाग प्रदूषित हो रहा है। जो हम करना चाहते हैं और जो बच्चों के हित में है, हमें इन दोनों के बीच संतुलन बिठाना होगा। - वंदना चव्हाण, एनसीपी
हमें जमीन से शुरुआत करनी होगी। हमारे किशोर सुधार गृहों की हालत बदतर है। मीडिया केवल एक ही मसले को बहुत ज्यादा तवज्जो दे रहा है। किशोरों के लिए अलग सेल की जरूरत। उन्हें अलग-थलग रखने की व्यवस्था कारगर नहीं है। - रवि प्रकाश वर्मा, सपा सांसद
जुवेनाइल बिल में रेपिस्ट के हाथ-पैर तोड़ने का भी प्रावधान होना चाहिए। रेप करने वाले भले ही बच्चे हों, लेकिन उन्हें फांसी की सजा दी जानी चाहिए। - रामदास अठावले, आरपीआई नेता