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आपकी बदूंक नहीं, आशीर्वाद चाहिए: केजरीवाल

Fri, 27 Dec 2013 10:30 AM IST
कुशाग्र मिश्रा/अमर उजाला, कौशांबी
कुशाग्र मिश्रा/अमर उजाला, कौशांबी Updated Fri, 27 Dec 2013 10:30 AM IST
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i want your's wishes not gun

दिल्ली विधानसभा चुनाव के ‘बैलेट राजा’ अरविंद केजरीवाल को ‘बुलेट’ और ‘बंदूक’ दोनों से सख्त परहेज है।

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ऐसा ही कुछ बृहस्पतिवार की सुबह गिरनार अपार्टमेंट के प्रवेश द्वार पर देखने को मिला, जब दिल्ली के भावी मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश पुलिस के सुरक्षाकर्मियों के सामने हाथ जोड़कर चले जाने की प्रार्थना की।

अरविंद ने विनम्रता के साथ सुरक्षाकर्मियों से कहा कि ‘आपकी बंदूक नहीं, आपका आशीर्वाद चाहिए’। अरविंद को ये कतई रास नहीं आया कि उनकी सुरक्षा में पुलिस तैनात की गई है।
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जनता दरबार से निकलने के बाद करीब साढ़े 10 बजे अरविंद गिरनार अपार्टमेंट स्थित अपने आवास पहुंचे। अपार्टमेंट के प्रवेश द्वार पर पांच बंदूकधारी सुरक्षाकर्मी तैनात थे।
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केजरीवाल के प्रवेश करते ही सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें सैल्यूट किया। इस पर अरविंद ने सुरक्षाकर्मियों के सामने हाथ जोड़ लिए और कहा कि उन्हें बंदूक नहीं, उनका आशीर्वाद चाहिए।

बुधवार की रात करीब नौ बजे यूपी पुलिस के पांच सुरक्षाकर्मियों का दल गिरनार अपार्टमेंट में तैनात किया गया था। गाजियाबाद पुलिस के मुताबिक भीड़ को कंट्रोल करने के लिए ही पुलिस भेजी गई थी।

दो दिन पहले मंगलवार को एसएसपी गाजियाबाद धर्मेंद्र सिंह और एसओ एलआईयू कमलेश बहादुर गिरनार अपार्टमेंट में अरविंद से सुरक्षा के मसले पर मिले थे।

दिल्ली पुलिस की ओर से प्रोटोकॉल के तहत मुख्यमंत्री को सुरक्षा देने की बात पत्र में कही गई थी, लेकिन केजरीवाल ने जेड श्रेणी की सुरक्षा लेने से साफ इंकार कर दिया था। इसके बाद गाजियाबाद पुलिस के आला अधिकारी लौट आए थे।

बोरिया बिस्तर लेकर लौटे सुरक्षाकर्मी
अरविंद के हाथ जोड़ने के महज कुछ देर बाद ही पांचों सुरक्षाकर्मी हटा दिए गए हैं। सभी ने दोपहर करीब साढ़े 12 बजे अपना बोरिया-बिस्तर कंधे पर रखा और चल पड़े। उनका कहना था कि हमें अधिकारियों का निर्देश मिल गया है और हमें वापस जाना है।


22 पुलिसकर्मी होते हैं जेड श्रेणी सुरक्षा में
मुख्यमंत्रियों को प्रोटोकॉल के तहत जेड स्तर की सुरक्षा दी जाती है जिसमें 22 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाती है। इसके साथ ही उनके कहीं बाहर जाने पर एक गाड़ी एस्कार्ट करती है, जिसमें आधा दर्जन सुरक्षाकर्मी तैनात होते हैं। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की पूर्व सूचना यातायात पुलिस को देनी होती है, ताकि वह कार्यक्रम के मुताबिक रूट को साफ रख सकें।

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