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केदारनाथ में रात भर लाशों से पानी मांगती रही वो
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Wed, 26 Jun 2013 03:36 PM IST
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केदारनाथ घाटी में जिधर देखो, लाशों के ढेर कयामत की कहानी बयां कर रहे हैं। वहां से बच निकलने में कामयाब रहे चंद लोगों के अनुभव अब भी दिल दहला रहे हैं।
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टीओआई की खबर के मुताबिक मीरा राणा भी उन लोगों में शुमार है, जिन्होंने मौत को बेहद करीब से देखा।
केदारनाथ के करीब बाढ़ के पानी से बचने के लिए पहाड़ पर चढ़ने के बाद वह पूरी रात अपने बीमार पति के लिए पानी खोज रही थी। लेकिन उनकी मदद करने वाला कोई नहीं था। सिर्फ लाश थीं।
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दिल्ली के द्वारका में रहने वाली मीरा ने बताया, 'अंधेरे में मैंने एक साथ कुछ लोगों को लेटे देखा और उनके पास गई। लेकिन उनकी तरफ से कोई हरकत नहीं हुई। जब दिन निकला, तो मुझे पता चला कि रात में मैं जिन लोगों से पानी मांग रही थी, वे जिंदा लोग नहीं, बल्कि लाशों का ढेर था।'
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उन्होंने बताया, 'मेरे पति की हालत बिगड़ रही थी। मेरी एक रिश्तेदार गंभीर रूप से जख्मी थीं। हमने फिसलने से बचने के लिए पेड़ थाम रखा था।' मीरा और उनका परिवार जिस होटल में ठहरा था, वह अब 30 फुट गाद में दबा है।
मीरा ने बताया, 'मैंने होटल मालिक को पैकिंग कर वहां से निकलते देखा। कुछ गड़बड़ लगी। फिर हम उसके पीछे चल दिए। खाने के लिए कुछ नहीं बचा था। उफनती नदी की आवाज बेहद डरावनी थी। मैंने इससे पहले ऐसा कुछ नहीं सुना।'
रात हुई, तो चार-पांच लोगों को करीब आते देखा, जिन्होंने रेनकोट पहन रखे थे। मीरा को डर लगा, लेकिन उन्होंने चिल्लाकर उन्हें भगा दिया।