'IS के सैनिक' मेहदी को किए पर नहीं पछतावा
बंगलुरू के सिविल कोर्ट कॉम्पेक्स से बाहर निकलते वक्त 24 साल के मेहदी मसरूर बिस्वास ने कहा कि, 'मैं एक सैनिक हूं और मुझे अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है'।
मेहदी मसरूर को आईएसआईस के समर्थन में एक ट्विटर अकाउंट चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी के बाद मेहदी को 15 दिन की पुलिस रिमांड में भी भेजा गया था।
कोर्ट रूम के बाहर जब एक वकील ने मेहदी से पूछा कि, 'तुमने यह सब क्यों किया?' तो इसके जवाब में मेहदी ने कहा कि मुझे अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है।
कोर्ट रूम में मेहदी के माता-पिता भी मौजूद थे। पश्चिम बंगाल में जन्मा मेहदी एक मल्टी नेशनल कंपनी में एग्जिक्यूटिव मैनेजर के तौर पर काम कर रहा था। इसके अलावा वह आईएसआईएस समर्थक ट्विटर अकाउंट चला रहा था जहां वह हजारों ट्वीट करने और मैसेज के जवाब देने का काम भी कर रहा था।
जज की बात पर मुस्कुराता रहा मेहदी
जब मेहदी को कोर्ट में पेश किया गया तो वहां जबर्दस्त सुरक्षा थी। मेहदी जब कोर्ट रूम पहुंचे तो यह वकीलों से खचाखच भरा हुआ था।
एसीपी ने अदालत से कहा कि पुलिस को मेहदी के हजारों ट्वीट्स की जांच करनी है और जरूरत पड़ने पर जांच के सिलसिले में राज्य और देश से बाहर भी ले जाना पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि इसलिए मेहदी की 25 दिनों की और हिरासत दी जाए। कोर्ट ने मेहदी को देश से बाहर ले जाने की इजाजत देने से इनकार कर दिया और हिरासत की अवधि 15 दिनों के लिए बढ़ा दी।
जब जज ने मेहदी से कहा, 'कि तुम्हें 15 दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेजा जा रहा है तो तो उनसे कुछ फीट की दूरी पर खड़े मेहदी ने हल्का मुस्कुराते हुए सिर हिला दिया।