'मोदी ने नहीं, मैंने अमित शाह को यूपी को प्रभारी बनाया'
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भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने एक बार फिर भरोसा जताया है कि लोकसभा चुनावों में पार्टी अपने दम पर बहुमत के आंकड़े को छू लेगी। राजग को 300 से ज्यादा सीटें हासिल होंगी।
उन्होंने एक अंग्रेजी अखबार को दिए साक्षात्कार में कहा कि अमित शाह को उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाने में नरेंद्र मोदी की भूमिका नहीं थी।
राजनाथ सिंह ने कहा 'नरेंद्र भाई ने अमित शाह को उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाने के लिए बात भी नहीं की थी। अमित शाह को उत्तर प्रदेश भेजने का फैसला पूरी तरह से मेरा था।' राजनाथ ने बताया कि अमित शाह को उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाए जाने के बारे में नरेंद्र मोदी को सूचित भी नहीं किया गया।
'जसवंत सिंह पार्टी में बने रहते तो अच्छा होता'
भाजपा के लिए सर्वाधिक प्रतिष्ठित सीट लखनऊ से लड़ रहे राजनाथ सिंह ने अपने साक्षात्कार में अटल बिहारी वाजपेयी, लाल कृष्ण आडवाणी, नरेंद्र मोदी और जसवंत सिंह के बारे में खुलकर बात की। जसवंत सिंह को टिकट न दिए जाने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि ये फैसला पार्टी की केंद्रीय कमेटी का था।
उन्होंने कहा कि जसवंतजी की प्रतिष्ठा का आंकलन इस बात से नहीं किया जा सकता कि उन्हें टिकट दिया गया है या नहीं। भाजपा इतनी बड़ी पार्टी है कि किसीकी भूमिका संगठन में होती है और किसीकी सरकार में। संभव है कि आपको मंत्री न बनाया जाए लेकिन दूसरी जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं।
राजनाथ ने कहा,'मैं जसवंतजी का सम्मान करता हूं। वे पार्टी में होते तो अच्छा होता।'
'मोदी की कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं'
मोदी और अपनी की तुलना अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी से किए जाने पर राजनाथ सिंह ने कहा कि हम दोनों सभी को साथ लेकर चलने का प्रयास कर रहे हैं। हमें अटल और आडवाणी की तरह जोड़ी नहीं कहा जा सकता। मोदी प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हैं और मैं पार्टी अध्यक्ष हूं।
नरेंद्र मोदी की तारीफ में राजनाथ सिंह ने कहा कि मोदी के बातों और कामकाज में कोई अंतर नहीं है। वह जो कहते हैं वही करते हैं।
उन्होंने कहा कि एक राजनीतिज्ञ की सबसे बड़ी संपत्ति उसकी विश्वसनीयता होती है और मोदी अपनी कथनी और करनी की समानता के कारण ही भाजपा के सबसे विश्वसनीय चेहरे बनकर उभरे हैं।
'आम सहमति से लिए गए टिकट बंटवारे के फैसले'
लोकसभा चुनावों में राजनाथ सिंह को लखनऊ और नरेंद मोदी को वाराणसी से चुनाव लड़ाने का फैसला किसका था?
इस सवाल के जवाब में राजनाथ ने कहा कि टिकट बंटवारे से जुड़े सभी फैसले आम सहमति से लिए गए। नरेंद्र मोदी मोदी को वाराणसी और मुरली मनोहर जोशी को कानपुर से लड़ाने का निर्णय किसी एक व्यक्ति का नहीं था।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के महत्व को देखते हुए नरेंद्र मोदी का वहां से लड़ाने का फैसला किया गया।
अमित शाह के बयान पर राजनाथ की सफाई
अमित शाह के 'बदला लेने' के बयान पर राजनाथ ने सफाई भी दी।
उन्होंने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बोली पूर्वी उत्तर प्रदेश से अलग है। लखनऊ के आसपास के इलाकों में भी बोलचाल की भाषा अलग है। ऐसे में एक ही बात के तीनों जगह-जगहों पर अलग-अलग मतलब निकाल लिए जाते हैं। अमित शाह की बात का भी गलत मतलब निकाल लिया गया था।
राजनाथ चुनाव प्रचार में कई बार मुस्लिम टोपी पहन चुके हैं लेकिन नरेंद्र मोदी ने आज तक ऐसी टोपी नहीं पहनी, ऐसा क्यों है?
'मोदी के बारे में गलत बातें फैलाई जा रही'
इस सवाल के जवाब में राजनाथ सिंह ने कहा, ' किसे क्या पहनना पसंद है, इस बात पर विवाद नहीं खड़ा करना चाहिए। मुझे धोती-कुर्ता पहनना पसंद है, वैसे ही नरेंद्र मोदी को कुर्ता-पायजामा पसंद है। यह किसी व्यक्ति की इच्छा पर निर्भर है कि वे क्या पहने, खाए और पिए, इसे धार्मिक समुदाय से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मोदी के बारे में गलत बातें फैलाई जा रही हैं। नरेंद्र भाई के पास जो भी जाएगी, वह उनका होकर रह जाएगा।
'मेरी शादी एक मुसलमान ने कराई थी'
विहिप नेता प्रवीण तोगड़िया के बयान पर हाल ही में हुए विवाद को लेकर राजनाथ ने कहा कि ऐस बयानों को परखने की जिम्मेदारी आरएसएस की है। भाजपा एक राजनीतिक संगठन है, और दूसरे संगठनों के नेताओं के बयानों के लिए जवाबदेह नहीं है। विहिप एक अलग संगठन है।
गौरतलब है कि पिछले दिनों प्रवीण तोगड़िया ने कहा था कि मुस्लिमों का हिंदु मोहल्लों में संपत्ति खरीदने पर रोक लगा देनी चाहिए। राजनाथ ने कहा कि वे ऐसे बयानों का समर्थन नहीं करते।
उन्होंने बताया, 'मेरी शादी एक मुसलमान ने कराई थी। गांव में शेख आलम मियां मेरे पिताजी के अभिन्न मित्र थे। उन्हींने मोहर लगाई तो मेरी शादी हुई।'