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'मनमोहन से कोई निजी दुश्मनी नहीं'

Tue, 16 Sep 2014 09:31 PM IST
Updated Tue, 16 Sep 2014 09:31 PM IST
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I am not enemy of manmohan singh.

अपनी पुस्तक के जरिए बड़ा विवाद खड़ा करने वाले पूर्व कैग विनोद राय ने मंगलवार को कहा कि पूर्व पीएम मनमोहन सिंह से उनकी व्यक्तिगत कोई दुश्मनी नहीं है, लेकिन सरकार का मुखिया रहने के कारण उन्हें प्रशंसा के साथ दोषों को भी स्वीकारना होगा।

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पूर्व कैग ने कहा कि मनमोहन सिंह की इस बात के लिए प्रशंसा की जानी चाहिए कि कोयला ब्लाक आवंटन में अनियमितता की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने नए सिरे से नीलामी के आदेश दिए।
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हालांकि सरकार का प्रमुख होने के बाद भी कुछ फैसलों पर उनका जोर नहीं था और कामनवेल्थ घोटालों के लिए उन्हें सीधे जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। उदाहरण के रूप में कैग प्रमुख ने कहा कि हमारी टीम इंडिया इंग्लैंड दौरे पर गई जहां टेस्ट मैचों में टीम का प्रदर्शन बुरा रहा, लेकिन क्या सारा जिम्मा कप्तान का नहीं बनता?
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कप्तान के तौर पर उनकी है जिम्मेदारी

I am not enemy of manmohan singh.

कोई खिलाड़ी खेले या नहीं लेकिन हार या जीत की जिम्मेदारी मैच के बाद कप्तान पर ही आती है। यदि मैं कैग हूं और संस्था में कुछ गलत होता है तो उसकी जिम्मेदारी मेरे ऊपर आएगी।

मालूम हो कि विनोद राय अपनी नई किताब ‘द डायरी ऑफ द नेशन्स कान्शन्स कीपर- नाट जस्ट एन एकाउंटेंट’ में टूजी और कोयला ब्लाक आवंटन घोटाला के लिए पूर्व पीएम मनमोहन को जिम्मेदारा माना है।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मनमोहन ने कहा था कि मैंने अपनी ड्यूटी निभा दी है। लोग मेरे बारे में क्या लिख रहे हैं मैं उस पर टिप्पणी नहीं करना चाहता। राय द्वारा विभिन्न घोटालों में पूर्व पीएम की भूमिका और कार्रवाई न करने को लेकर उठाए गए सवालों पर कांग्रेस ने जहां कड़ी प्रतिक्रिया दी थी वहीं अन्य दलों को यूपीए की सरकार पर निशाना साधने का मौका मिला था।

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