फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   Hyderabad University crisis: Dalit professors threaten to quit, campus tries to lower heat

विरोध के आगे झुका प्रशासन, निलंबन वापस

Thu, 21 Jan 2016 07:18 PM IST
Updated Thu, 21 Jan 2016 07:18 PM IST
विज्ञापन
Hyderabad University crisis: Dalit professors threaten to quit, campus tries to lower heat

हैदराबाद युनिवर्सिटी ने अपना वह फैसला तत्काल प्रभाव से वापस ले

विज्ञापन
लिया है जिसमें पीएचडी के पांच छात्रों को निष्काषित किया गया था। इनमें रोहित भी शामिल था। युनिवर्सिटी की ओर से जारी बयान में छात्रों से यह भी अपील किया गया कि वे परिसर में शांति बनाए रखें।

गौरतलब है कि युनिवर्सिटी प्रशासन ने पांच छात्रों को एबीवीपी के एक नेता के साथ मारपीट करने के आरोप में निष्काषित कर दिया था। इस विवाद ने उस वक्त बड़ा रूख अख्तियार कर लिया जब उन निष्काषित छात्रों में से एक रोहित वेमुला ने रविवार को आत्महत्या कर ली। रोहित के आत्महत्या के बाद सभी दलित संगठन और राजनीतिक पार्टिओं की नेताओं ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश करने लगे।

रोहित के आत्महत्या के विरोध में गुरुवार को युनिवर्सिटी के 10 दलित अध्यापकों समेत 13 लोगों ने इस्तीफा भी दे दिया। उनका यह इस्तीफा बुधवार को मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी के दिए बयान के बाद आया। जिसके बाद विश्वविद्यालय के कई एसी/एसटी अध्यापकों ने सभी प्रशासनिक पदों से इस्तीफा दे दिया है।
विज्ञापन

अध्यापकों ने दे दिया इस्तीफा

Hyderabad University crisis: Dalit professors threaten to quit, campus tries to lower heat

उनका यह फैसला उन पांच दलित छात्रों के समर्थन में किया है जिन्हें विश्वविद्यालय ने निष्काषित कर दिया था। उनमें से एक छात्र रोहित वेमुला ने रविवार को अपने हॉस्टक के कमरे में खुदकुशी कर ली थी।

हैदराबाद विश्वविद्यालय के एससी/एसटी अध्यापक और अधिकारी फोरम ने स्मृति ईरानी के बयान की निंदा भी की। उन्होंने ईरानी पर इस मामले में देश को गुमराह करने का भी आरोप लगाया।

फोरम के सदस्यों ने कहा, 'रोहित वेमुला की मौत के विरोध में प्रदर्शन कर रहे दलित छात्रों का हम समर्थन करते हैं और यह मांग करते हैं कि पुलिस ने उन लोगों जिन धाराओं में मामला दर्ज किया है उसे तुरंत हटाया जाए।'

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed