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हर तरफ था हाहाकार और अफरातफरी

Fri, 22 Feb 2013 10:24 AM IST
हैदराबाद/एजेंसी
हैदराबाद/एजेंसी Updated Fri, 22 Feb 2013 10:24 AM IST
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hyderabad blast outcry and confusion everywhere

करीब 100 से 150 मीटर की दूरी पर हुए हैदराबाद में दो विस्फोटों के बाद एकदम भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। लोग एक दूसरे को धक्का देते, गिरते पड़ते जिस तरफ राह दिख रही थी, उसी तरफ भाग रहे थे।

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हर किसी को अपनी और अपनों की सुरक्षा की चिंता सता रही थी। और विस्फोटों की आशंका से डरे हुए लोग कहीं ऐसी जगह छुप जाना चाह रहे थे, जहां उन्हें कोई न पहुंच सके। चारों तरफ चीख-चिल्लाहट थी और मोबाइल की घंटियां बज रही थीं।
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विस्फोट स्थल तबाह हो गए थे। कई वाहन जल रहे थे। यहां-वहां लाशें बिखरी थीं। पहले विस्फोट में मौके पर ही आठ और दूसरे में तीन जानें गईं। विस्फोटों के कारण पचास से ज्यादा लोग बुरी तरह घायल थे। चारों तरफ खून बिखरा था और कहीं-कहीं चीथड़े हो चुके शरीर थे।
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काफी देर तक इन शरीरों को उठाने वाला भी कोई नहीं था। जबकि घायल कराह और चिल्ला रहे थे। पूरा दृश्य बेहद भयावह था। भगदड़ में छूटी लोगों की चप्पलें और सामान चारों तरफ बिखरा था।

दिलसुखनगर इलाका घनी बसावट वाला है और शाम के समय आए दिन यहां ट्रेफिक जाम होता है। दफ्तर से छूटे लोग और स्कूल-कॉलेजों से निकले बच्चे-युवक घर की तरफ भागते हैं। बड़ी संख्या में लोग इस इलाके में बस स्टैंड, रेस्तराओं और दुकानों पर भी रहते हैं।

इस कारण हादसे की भयावहता बढ़ गई थी। जिस वक्त विस्फोट हुआ था, नजदीक के वेंकटाद्रि सिनेमाघर का शो छूटा था और भीड़ सड़कों पर आ गई थी।

दोनों विस्फोटों के बीच पांच मिनट का अंतर था। दूसरे विस्फोट के बाद लोग और विस्फोटों की आशंका से बेहद डर गए थे। इस कारण भगदड बहुत बहुत जबर्दस्त रही। एक प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, ‘मैंने समय तो नहीं देखा लेकिन शाम को अचानक एक धमाका हुआ और चारों तरफ धुआं फैल गया।

कई जगहों पर कांच टूटे और हवा में बिखर गए। कुछ कांच के टुकड़े मेरे सिर पर भी आकर गिरे। जिस जगह पर विस्फोट हुआ, वहां करीब सौ लोग मौजूद थे।’ अस्पतालों की स्थिति भी सामान्य नहीं थी। सही ढंग की व्यवस्थाएं न होन के कारण लोगों में गुस्सा साफ दिख रहा था।


पहले समझा सिलेंडर फटा है
मौके पर मौजूद लोगों को कुछ देर तक यही लगता रहा कि कोई सिलेंडर फटा है क्योंकि पहला विस्फोट कोणार्क थियेटर एरिया की एक चाय-नाश्ते की दुकान के नजदीक हुआ था। जहां काफी भीड़ थी। जब तक लोग हकीकत समझ पाते उनके आस पास पांच-छह शव बिखरे हुए थे। कई लोग घायल हो चुके थे।

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