फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   husband give divorce to lusty wife

ज्यादा सेक्स की मांग पर पत्नी को तलाक

Mon, 01 Sep 2014 02:59 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मुंबई
ब्यूरो/अमर उजाला, मुंबई Updated Mon, 01 Sep 2014 02:59 PM IST
विज्ञापन
husband give divorce to lusty wife

मुंबई की अदालत ने अपनी पत्नी से परेशान एक व्यक्ति को तलाक की अनुमति दे दी है। पति ने आरोप लगाया था कि उसकी पत्नी सेक्स के लिए कभी तृप्त न हो सकने वाली यौन इच्छा दिखाती है और बेहद गुस्सैल व तानाशाह किस्म की है।

विज्ञापन


मुंबई की एक पारिवारिक अदालत के मुख्य जज लक्ष्मी राव ने आदेश सुनाते हुए कहा, पत्नी के अदालत में पेश न होने पर, याचिकाकर्ता की गवाही को चुनौती नहीं दी गई। इसलिए इस अदालत के पास उसकी गवाही को स्वीकार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है और वह अपने अनुरोध के मुताबिक तलाक का अधिकारी है।
विज्ञापन


पति ने जनवरी 2014 में दायर अपनी याचिका में अदालत को बताया था कि उसकी पत्नी अड़ियल, गुस्सैल, जिद्दी और मनमानी करने वाली है। उसने यह भी आरोप लगाया कि वह यौन व्यवहार के लिए अत्यधिक और कभी तृप्त न हो सकने वाली इच्छा जताती है और अप्रैल 2012 में विवाह के बाद से उसे लगातार परेशान कर रही है। इसके अलावा वह उसे दवाएं व शराब पीने के लिए भी विवश करती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

'यौन संबंध बनाने के लिए विवश करती है पत्नी'

husband give divorce to lusty wife

पति ने आरोप लगाया था कि वह उसे अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने के लिए भी विवश करती है और मना करने पर गालियां देती है। जिसके कारण उसे उसकी मांग के आगे झुकना पड़ता है । उसने अदालत को बताया था कि वह तीन शिफ्टों में काम करता है और बेहद थक जाता है। इसके बावजूद वह उसकी वासना की तृप्ति करने के लिए विवश था।

अदालत को बताया गया कि महिला उसे यह भी धमकी देती है कि यदि उसकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो वह उसकी भावनाओं को नजरअंदाज करते हुए दूसरे पुरुष के पास चली जाएगी। याचिका में कहा गया कि दिसंबर 2012 में पति को पेट में दर्द की शिकायत होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था डॉक्टरों ने पति को कुछ समय के लिए शारीरिक संबंधों से दूर रहने के लिए कहा था लेकिन महिला अपनी यौन इच्छाएं जताती रही और पति की सेहत आराम के अभाव में गिरती चली गई।

याचिका में उसने यह भी कहा कि उसने अपनी पत्नी से किसी मनोचिकित्सक से सलाह लेने के लिए भी कहा लेकिन उसने इंकार कर दिया । याचिका में उसने कहा कि वह इन अत्याचारों को और नहीं सह सकता। इससे उसके जीवन को खतरा है। उसने कहा कि ‘यौनाचार के प्रति उसकी अत्यधिक भूख’ उसका पत्नी के साथ एक छत की नीचे रहना मुश्किल है। न्यायाधीश ने याचिका को स्वीकार करते हुए इस व्यक्ति का तलाक स्वीकार कर लिया।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed