गजब! जिंदा पत्नी की हत्या के आरोप में फंसा पति
जिस महिला सीमा की हत्या की उलझी गुत्थी पुलिस के लिए पहेली बनी थी, वह दस माह बाद अचानक वापस लौट आई। उसका कहना है कि दो युवकों ने उसका अपहरण कर फीरोजाबाद में बंधक बनाकर रखा हुआ था। हालांकि उसकी कहानी पर पुलिस यकीन नहीं कर रही है।
बुधवार को पुलिस ने उसका मेडिकल कराया है। महिला के कोर्ट में बयान कराने के बाद पुलिस उसके भाई के खिलाफ भी झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने पर कार्रवाई करेगी है। अब सवाल ये भी है कि पुलिस ने जिस खोपड़ी को सीमा की बताकर डीएनए जांच के लिए भेजा हुआ है, वो किसकी थी। साफ है कि किसी और की भी हत्या हुई थी, जिसकी शिनाख्त सीमा के रूप में की गई।
बता दें कि नसीरपुर थाना क्षेत्र के गांव नगला दान सहाय निवासी सीमा पत्नी उमेश कुमार गत वर्ष 18 अगस्त को दवा लेने घर से निकली थी। इसके बाद वह घर नहीं पहुंची। इस मामले में सीमा के भाई ने थाना नसीरपुर पर उसके पति उमेश, जेठ मानसिंह व उसकी पत्नी विमलेश के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज करा दी थी।
पुलिस के सामने अब भी अनसुलझे हैं कई सवाल
करीब एक माह बाद सीमा के भाई ने पुलिस को सूचना दी कि सीमा के शव का कंकाल यमुना की तलहटी के पास पड़ा है। पुलिस को वहां एक खोपड़ी और कुछ हड्डियां मिली थी। उधर, पति उमेश ने भी न्यायालय में 156(3) के तहत प्रार्थना पत्र देकर गांव के ही टीटू उर्फ प्रेमशंकर व उसके भाई भीमा उर्फ ओमशंकर के खिलाफ सीमा को बहला फुसलाकर ले जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
तीन दिन पहले ही पुलिस ने सीमा के पुत्र और पिता के खून के सैंपल लेकर डीएनएन जांच के लिए भेजा था, ताकि खोपड़ी और सीमा के डीएनए का मिलान किया जा सके। मंगलवार शाम को उमेश को जानकारी मिली कि सीमा अपने मायके नगला खंगर के गांव काधऊ में है।
उसकी सूचना पर पुलिस सीमा को थाने ले आई। पूछताछ में उसने बताया कि वह दवा लेने जा रही थी। तभी दो युवकों ने उसका अपहरण कर लिया था। पुलिस ने महिला का जिला महिला अस्पताल में मेडिकल कराया है।