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मोदी के 100 दिन, 'अच्छे दिन' का इंतजार

Mon, 01 Sep 2014 12:06 PM IST
Updated Mon, 01 Sep 2014 12:06 PM IST
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hundred days of narendra modi govt.

प्रचंड बहुमत पर सवार कर्मठ प्रधानमंत्री की सरकार के 100 दिन होने को हैं। शपथ लेते हुए, ऐन 26 मई को अपने नीतिगत तेवर दिखाने वाले नरेंद्र मोदी ने सरकार के भीतर, देश में और देश के बाहर ऐसे संकेत देने की कोशिश की है कि लगे कि एक आत्मविश्वासी जिद के साथ सरकार एक सोची रणनीति के साथ आगे बढ़ रही है।

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मोदी सरकार ने सकारात्मक फैसले लेकर जाहिर किया कि चीजें सही राह पर आगे बढ़ रही हैं। मगर देश को रफ्तार के साथ विकास का इंतजार अभी भी है। प्रत्येक नागरिक को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने के लिए जन धन योजना, काले धन को वापस लाने को एसआईटी का गठन जैसे कई कदम प्रधानमंत्री मोदी ने उठाए हैं।
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मूल्य स्थिरता कोष और एग्री मार्केट के जरिए जनता पर पड़ने वाली महंगाई की मार पर काबू पाने के सरकारी दावे के कोई खास परिणाम न निकल पाने के बावजूद सरकार को 5.7 फीसदी की विकास दर से नैतिक राहत की छांव का एक टुकड़ा जरूर मिला है। मगर इसकी हकीकत सरकार भी जानती है।

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मोदी सरकार के सामने हैं कई चुनौतियां

hundred days of narendra modi govt.

इस दौरान नरेंद्र मोदी की कार्यप्रणाली पर कई सवाल उठे। कुछ ने कहा कि सभी फैसले वे खुद ही लेना चाहते हैं। अब यह तो समय ही तय करेगा कि उनकी कार्यप्रणाली से क्या बदलाव देखने को मिलते हैं। मगर सच तो यह है कि आम जनता को अभी भी अच्छे दिनों का इंतजार है। चारों ओर चुनौतियों की धूप भी कम तीखी नहीं है।

चुनाव प्रचार के दौरान काले धन पर मोदी ने बहुतेरे मनभावन नारे-वादे पेश किए थे। एसआईटी गठन के अलावा और क्या ठोस हुआ? हालांकि इस कदम की सुप्रीम कोर्ट ने भी सराहना की। मगर सौ दिनों में कितना काला धन देश में वापस आया?

वह कहते हैं कि न खाऊंगा, न खाने दूंगा। सरकारी बाबुओं और लालफीताशाही पर लगाम कसने की शुरुआत तो हुई, लेकिन लोकपाल किस हाल में है...। देवालय से पहले शौचालय— नारा तो मशहूर हुआ, लेकिन अब ग्रामीण विकास, पेयजल और शिक्षा मंत्रालय मिलकर इस दिशा में क्या करिश्मा कर दिखाने की तैयारी में हैं?

अच्छे दिनों के इंतजार में गंगा के उद्धार में मदद के हाथ बढ़ाने को तैयार हैं जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और जापान। लेकिन हमारी अपनी तैयारी कैसी है? क्योटो की तर्ज पर बनारस को चमकाने की जमीनी रणनीति कितनी तेजी से सामने आएगी?

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