'जाति जैसे रिबन' पर तमिलनाडु सरकार को नोटिस
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राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने तमिलनाडु के एक जिले में स्कूली बच्चों को उनके जाति के आधार पर रंगीन रिबन व रिस्ट बैंड पहनने के निर्देश की रिपोर्ट पर राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। मीडिया में आई इस तरह की रिपोर्ट पर आयोग ने स्वत: संज्ञान लेते हुए दो हफ्ते में पूरे मामले पर रिपोर्ट मांगी है।
आयोग ने बताया कि मीडिया के माध्यम से ऐसी खबर आई है कि तिरुनेल्विल जिले के स्कूलों में विद्यार्थियों से उनके जाति के आधार पर रंगीन रिबन व कलाई में फीता बांधने को कहा गया था। आयोग ने कहा कि यदि यह रिपोर्ट वास्तव में सही है तो यह मानवाधिकार के उल्लंघन का गंभीर मामला है।
रिपोर्ट के आधार पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने तमिलनाडु के सामाजिक कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव और तिरुनेल्विल जिले के कलेक्टर से दो हफ्ते में तथ्यात्मक रिपोर्ट देने को कहा गया है।
शिक्षा विभाग ने भी दिए थे जांच के आदेश
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह मामला उस समय उजागर हुआ जब जिला प्रशासन द्वारा कक्षाओं की जांच के दौरान छात्रों के एक समूह को उनकी जाति की पहचान के लिए ऐसी रिबन व रिस्ट बैंड पहने हुए पाया गया। इसके बाद जिला प्रशासन ने इस पर प्रतिबंध लगा दिया, हालांकि कि शिक्षा विभाग की एक बैठक के दौरान यह आदेश मौखिक ही दिया गया था।
मानवाधिकार आयोग के संज्ञान में आने के बाद इस मामले को काफी गंभीरता से लिया गया। जाति आधारित इस तरह के फैसलों से तमिलनाडु सरकार की फजीहत बढ़ सकती है क्योंकि आयोग इस मामले को लेकर काफी संवेदनशील है।