हुदहुद: तबाही की आशंका से सहमे आंध्र, ओडिशा
खतरनाक रूप ले चुका चक्रवाती तूफान हुदहुद रविवार दोपहर आंध्र-ओडिशा के तट से टकरा सकता है। तूफान से होने वाली संभावित तबाही से बचने से लिए दोनों राज्य सरकारों ने युद्ध स्तर पर बचाव कार्य शुरू कर दिया है।
आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों से 1.11 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। ओडिशा में भी निचले इलाकों से लोगों को हटाने का काम तेजी से चल रहा है।
सेना और नौसेना के जवान भी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं। आंध्र प्रदेश सरकार ने करीब 5.15 लाख लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की योजना बनाई है।
राज्य आपदा प्रबंधन आयुक्त एआर सुकुमार ने बताया कि अब तक श्रीकाकुलम से 35 हजार, विजयनगरम से छह हजार, विशाखापट्टनम से 15 हजार, पूर्वी गोदावरी से 50 हजार और पश्चिमी गोदावरी से पांच हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
436 गांवों में तूफान के कहर बरपाने की आशंका
इन पांचों जिलों के 64 मंडलों के 436 गांवों में तूफान के कहर बरपाने की आशंका है। विस्थापित लोगों के लिए 370 राहत शिविर बनाए गए हैं।
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने स्थिति की समीक्षा कर इसरो से हुदहुद की सैटेलाइट तस्वीर उपलब्ध कराने को कहा है जिससे कि तूफान की सही दिशा की जानकारी मिल सके। उधर, ओडिशा में भी राज्य सरकार ने निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम शुरू कर दिया है।
राज्य के विशेष राहत आयुक्त पीके महापात्रा ने कहा कि आठ जिले कोरापुट, मलकानगिरि, नबारंगपुर, रायगड़ा, गजपति, गंजम, कालाहांडी और कंधमाल में सबसे अधिक तबाही की आशंका है।
राज्य के दक्षिणी इलाकों में भारी बारिश जारी है लेकिन वहां से किसी तरह के नुकसान की अभी कोई खबर नहीं है। मौसम विभाग ने बताया कि हुदहुद के विशाखापट्टनम और गोपालपुर के नजदीक आने के कारण दोनों राज्यों में अगले 48 घंटे में भारी से बेहद भारी बारिश होने की आशंका है।
195 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग के मुताबिक हुदहुद के तट से टकराने से पहले रविवार सुबह में तटीय इलाकों में 195 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
शनिवार दोहर ढाई बजे यह विशाखापट्टनम से 250 किमी और गोपालपुर तट से 340 किमी की दूरी पर केंद्रित था। शनिवार रात करीब 11.30 बजे के बाद समुद्र से लगे इलाकों में 160-170 किमी के रफ्तार से हवाएं चलने लगेंगी।
एनडीआरएफ की 44 टीमें भेजी गईं
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन बल ने आंध्र और ओडिशा में भारी संख्या में लकड़ी और धातु काटने के औजार भेजने के साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में एनडीआरएफ की 44 टीमें तैनात करने का फैसला किया है।
उत्तर भारत में दिखेगा असर
करीब 2000 बचावकर्मियों में से कई को प्राथमिक उपचार देने का प्रशिक्षण दिया गया है। बचाव दल के पास 220 से अधिक नावें हैं। इसके अलावा वायुसेना के हेलीकॉप्टर भी खतरे से निपटने के लिए तैयार रखे गए हैं।
उत्तर भारत में दिखेगा असर, बारिश की संभावना
हुदहुद का असर उत्तर भारत में भी दिखेगा। तूफान के कारण उत्तर प्रदेश, बिहार समेत कई इलाकों में बारिश होने के आसार हैं। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक हुदहुद तूफान की वजह से बंगाल की खाड़ी से उठने वाली तेज हवाओं से मौसम के मिजाज में बदलाव होगा।
जिससे उत्तर भारत के कुछ इलाकों में तेज बारिश के आसार बनते नजर आ रहे हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश हो सकती है।