हुदहुद ने मचाई तबाही, आठ की मौत
चक्रवाती तूफान हुदहुद ने रविवार को तटीय आंध्र में भारी तबाही मचाई। भारी बारिश के साथ करीब 200 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं से सबसे ज्यादा नुकसान विशाखापट्टनम, श्रीकाकुलम और विजयनगरम जिलों में हुआ।
देर शाम ओडिशा तक पहुंचते-पहुंचते तूफान की रफ्तार मंद पड़ गई। तटीय आंध्र और ओडिशा में तूफान और बारिश के चलते आठ लोगों की मौत हुई है। दोनों राज्यों के तटीय इलाकों में बिजली, परिवहन और संचार सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, जबकि सैकड़ों पेड़ और खंभे उखड़ गए।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की है। हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे बात उन्हें हर संभव सहायता देने का भरोसा दिलाया है। इस बीच तबाही को देखते हुए मंगलवार को विशाखापट्टनम में भारत-वेस्टइंडीज के बीच होने वाला तीसरा वनडे मैच रद्द कर दिया गया है।
पेड़ उखड़ गए, घर उड़ गए
हुदहुद रविवार दोपहर से पहले ही करीब 11:30 बजे विशाखापट्टनम तट से टकरा गया। समय रहते तूफान की चेतावनी मिल जाने कारण आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय जिलों से चार लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है, जिसके चलते कम जानहानि हुई।
विशाखापट्टनम, श्रीकाकुलम और विजयनगरम जिलों में भारी बारिश के साथ चली तेज हवाओं के कारण जगह-जगह पेड़ उखड़ गए, कच्चे घर ढह गए और झोपड़ियों की छतें उड़ गईं। विशाखापट्टनम में शनिवार रात से बिजली नहीं है और संचार सेवाएं ठप हैं।
आंध्र प्रदेश के मुख्य सचिव आईवीआर कृष्ण राव ने कहा कि विशाखापट्टनम में तीन जबकि श्रीकाकुलम और विजयनगरम जिले में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है। अब तक राज्य के चार तटीय जिलों से करीब 2.5 लाख लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है।
संचार सेवाएं और यातायात सेवाएं ठप
कम से कम 70 मकान ढह गए हैं। तटीय इलाके की सड़कें वीरान पड़ी हुईं थीं। हवाई सेवा भी बाधित है। रेलवे ने इलाके से गुजरने वाली 58 ट्रेनों को रद्द कर दिया है जबकि 50 ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया है। ओडिशा के विशेष राहत आयुक्त पीके महापात्रा ने बताया कि तूफान से जुड़ी दुर्घटनाओं में एक नाबालिग लड़की सहित तीन लोग मारे गए हैं। गजापति जिले में सबसे अधिक तबाही मची है।
समुद्र में अपनी नाव बचाने के चक्कर में एक मछुआरे की मौत हो गई जबकि शनिवार को केंद्रपाड़ा जिले में लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के दौरान एक नाव के डूबने के कारण एक नौ वर्षीय बच्ची की मौत हो गई थी।
राज्य में डेढ़ लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इस बीच दिल्ली में कैबिनेट सचिव अजित सेठ ने कहा कि प्रधानमंत्री खुद स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं और दोनों राज्यों के मुख्य सचिवों से दिन में दो बार बात कर रहे हैं। राहत और बचाव कार्यों में सेना की चार टुकड़ी के अलावा एनडीआरएफ की 24 टीमें और छह हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं।