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हुदहुद किस चिड़िया का नाम है?

Tue, 14 Oct 2014 05:55 PM IST
Updated Tue, 14 Oct 2014 05:55 PM IST
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हुदहुद नाम के समुद्री तूफ़ान ने बीते सप्ताहांत भारत के पूर्वी तटवर्तीय इलाक़ों, ख़ास तौर से आंध्र प्रदेश और ओडिशा के कुछ इलाकों में क़हर बरपाया लेकिन क्या आपको मालूम है कि यह किस चिड़िया का नाम है?

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दरअसल हुदहुद इसराइल का राष्ट्रीय पक्षी है।

साल 2008 में एक लाख 55 हज़ार लोगों के बीच किए गए सर्वेक्षण के बाद तत्कालीन इसराइली राष्ट्रपति शिमोन पेरेज़ ने देश की 60वीं सालगिरह पर इसे राष्ट्रीय पक्षी घोषित किया था।
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कहा जाता है कि यह पक्षी यहूदियों और मुसलमानों के पैग़म्बर हज़रत सुलेमान के दूत के तौर पर काम किया करता था।

बादशाह हज़रत सुलेमान का क़ुरान में भी ज़िक्र है। उनके बारे में कहा जाता है कि वह एक मात्र बादशाह थे जिनका हुक्म हवा, पानी, मछली, पशु, पक्षी सब मानते थे।

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जासूस चिड़िया

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तूफ़ान का हुदहुद नाम तो ओमान का दिया हुआ है लेकिन हुदहुद चिड़िया हज़रत सुलेमान की जासूस चिड़िया भी कही जाती है।

बादशाह सुलेमान के शीबा (आज का यमन) की रानी यानी मलिका बिलक़ीस के बारे में भी इसी चिड़िया ने ख़बर दी थी के वो सूर्य की पूजा करती हैं। हज़रत सुलेमान ने रानी को अपने पास लाने का आदेश दिया था, जहां मलिका ने उनको पैग़म्बर माना था।

इसके सिर की कलग़ी की भी अजीब कहानी है।

यहूदी लोक कथाओं के मुताबिक़ एक बार हज़रत सुलेमान अपने सफ़ेद बाज़ पर उड़े जा रहे थे और धूप की वजह से बेहाल थे कि हुदहुद का एक गिरोह उनके पास से गुज़रा और उन्हें उस हालत में देख कर अपने परों को फैलाकर उनके ऊपर उड़ने लगा ताकि वह धूप से बच जाएं।

लालच और वरदान

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हज़रत सुलेमान ने प्रसन्न होकर उन्हे वरदान मांगने को कहा। हुदहुद पक्षियों के राजा ने कई दिन सोचने के बाद सभी के सिर पर सोने का ताज होने की मन्नत मांग ली।

उनकी मांग सुनकर, सुलेमान हंस पड़े और कहने लगे अरे नादान तूने अपने लिए मुसीबत मांग ली है। शिकारी तुझे ज़िंदा नहीं छोड़ेंगे।

फिर भी, उनकी मांग पूरी हुई और वह इस पर इतराने लगे। लेकिन सोने के लालच में शिकारी उनके पीछे पड़ गए यहां तक कि उनकी संख्या बेहद कम हो गई तो सभी हुदहुद हज़रत सुलेमान के पास वापस आए।

उनकी मुश्किल जानकर हज़रत सुलेमान ने ताज हटा कर उनके सिर पर कलग़ी दे दी जिस से उनकी सुंदरता बरक़रार रही और उनकी प्रजाति भी बच गई।

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